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पाली-खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद दो अवैध मीट की दुकानें सीज, FSSAI नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई; दावत और दुकानों से खाद्य सामग्री के नमूने जांच हेतु लैब भेजे गए
पाली,10 अक्टूबर 2026/ पाली शहर में देर रात सामने आई फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) की घटना को चिकित्सा विभाग ने गंभीरता से लिया तथा खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर की गई इस कार्रवाई के दौरान आबादी क्षेत्र में बिना नगर निगम एनओसी के अवैध रूप से संचालित 2 मीट की दुकानों को अग्रिम आदेशों तक सीज कर दिया गया।
दावत स्थल से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा दल तत्काल मौके पर पहुंचा। दावत आयोजक मोहम्मद रमजान की मौजूदगी में कार्यक्रम में बचे हुए खाद्य पदार्थों—मटन, मलाई राजभोग तथा कलाकंद के नमूने नियमानुसार सील कर जांच हेतु प्रयोगशाला (लैब) भिजवाए गए।
*अवैध प्रतिष्ठानों पर सीलिंग व कड़ी कार्रवाई*
आयोजक से मिली जानकारी के आधार पर खाद्य सुरक्षा टीम ने संबंधित आपूर्ति प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि आबादी क्षेत्र में दो मीट की दुकानें बिना नगर निगम की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के संचालित हो रही थीं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से सीज किया गया।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम की एनओसी के बिना आबादी क्षेत्र में संचालित मीट दुकानों के खाद्य लाइसेंस नियमानुसार पूर्व में ही निरस्त किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, कच्चे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों से मिर्च, हल्दी, देशी घी एवं सूजी के नमूने भी जांच हेतु संग्रहित किए गए।
*सीएमएचओ का सख्त संदेश*
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने स्पष्ट कहा कि जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों एवं FSSAI नियमों की अवहेलना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस संचालित होने वाले सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल सीज किया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
*संयुक्त निरीक्षण दल*
यह संपूर्ण कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में संपन्न हुई। कार्रवाई दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद शर्मा, डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार, पुनीत जोशी, दीपेश मीणा, पवन शर्मा एवं नितेश कंसारा सक्रिय रूप से शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित पक्षों के विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिले के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यह जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा।




