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पाली-पाली में एक 75 साल के वृद्ध पर दो भालुओं ने हमला कर दिया लेकिन वृद्ध किसान ने हिम्मत नहीं हारी और चलने के काम में आने वाली अपनी लाठी से दोनों भालुओं का मुकाबला किया। जिससे आखिरकार भालू भाग गए और वृद्ध की जान बच गई। लेकिन इस हादसे में वृद्ध के चेहरे, हाथ-पांव पर जगह-जगह भालुओं ने काट लिया। जिससे काफी खून बहा। वृद्ध को उपचार के लिए देर रात को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाए। जहां उनका उपचार किया गया।
घटना पाली जिले के खिंवाड़ा के निकट स्थित गुड़ा गोपीनाथ (उम्मन का बेरा) में बुधवार देर शाम को हुई। अपने कृषि कुएं पर परिवार सहित रहने वाले 75 साल के वृद्ध मोती सिंह पुत्र लाल सिंह रावत टॉयलेट करने के लिए अपने मकान से कुछ दूरी पर गए। जहां पहले से ही झाड़ियों में दो भालू दुबके हुए बैठे थे। जैसे वही वृद्ध वहां पहुंचे दोनों भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वृद्ध नीचे गिर गए। भालुओं ने उनकी नाक बचा डाली, चेहरे, हाथ-पांव में जगह-जगह काट लिया। लेकिन वृद्ध ने हिम्मत नहीं हारी और चलने में लिए काम में ली जाने वाली अपनी लाठी से भालुओं पर हमला किया। जिससे वे घबरा गए और आखिरकार वृद्ध को छोड़कर भाग गए। भालुओं के इस हमले में वृद्ध बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें परिजन देर रात को उपचार के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर्स ने वृद्ध का उपचार किया।
बेटा बोला- चिल्लाने की आवाज सून भागे लेकिन तब तक खून से लथपथ पिता आ रहे थे
घटना को लेकर भालुओं के हमले में घायल वृद्ध के बेटे प्रेमसिंह ने बताया कि पिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लाठी लेकर उनकी तरफ भागे लेकिन तब तक खून से लथपथ पिता लाठी के सहारे वापस घर की तरफ आते नजर आए। उन्होंने बताया कि उन पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। उनके चेहरे, हाथ-पांव पर जगह-जगह से खून बह रहा था। इलाज के लिए उन्हें तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से रेफर किया तो रात को ही पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
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