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खाद्य सुरक्षा से वंचित पात्र परिवारों को मिला योजना का लाभ, पाली जिले में 2.61 लाख पात्र जुड़े
पाली, 13 अगस्त। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वंचित एवं पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़कर सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। राज्य में अब तक 1,02,55,503 वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। यह संख्या प्रदेश के कुल 4.38 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 तक प्रदेश में 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया। इसके पश्चात 26 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ किए जाने के बाद 89 लाख 59 हजार 839 पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए में शामिल किया गया। इसी क्रम में पाली जिले में 2 लाख 61 हजार 99 वंचित पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है।
पाली जिले में विधानसभा क्षेत्रवार खाद्य सुरक्षा से जुड़े लाभार्थियों में बाली में 64,514, मारवाड़ जंक्शन में 46,091, पाली में 44,503, सोजत में 38,986 तथा सुमेरपुर में 67,005 पात्र व्यक्ति शामिल हैं। इस प्रकार जिले में कुल 2,61,099 पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ मिला है।
खाद्य सुरक्षा के साथ मिल रहा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ
मंत्री श्री गोदारा ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों को मिल रहा है। इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत परिवार का 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शामिल है।
मानसून को देखते हुए लाभार्थियों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को विशेष राहत मिल रही है।
‘गिव अप अभियान’ से पात्र परिवारों के लिए खुले अवसर
श्री गोदारा ने बताया कि नवंबर 2024 में प्रारंभ किए गए ‘गिव अप अभियान’ के तहत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया, जबकि करीब 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटाए गए। इससे रिक्त हुए स्थानों पर पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का अवसर मिला। इस पहल को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित नहीं रहे।


