• April 11, 2026

संत फूलपुरी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने दिया स्टेः आश्रम की सम्पतियों को हड़पने के लिए महामंडलेश्वर महेश्वरानंद के साइन करवाने का लगाया था आरोप

PALI SIROHI ONLINE

पाली-जाडन आश्रम को लेकर चल रहे विवाद में संत फूलपुरी के खिलाफ कोतवाली और शिवपुरा थाने में दो एफआईआर दर्ज है। मामले में जोधपुर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए संत फूलपुरी की गिरफ्तारी पर स्टे लगाते हुए अंतरिम राहत दी है।संत फूलपुरी के एडवोकेट लक्षित चौधरी ने अदालत के समक्ष प्रभावी पैरवी करते हुए बताया कि इससे पूर्व दर्ज एक FIR में भी उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन (stay) दिया जा चुका है, और वर्तमान FIR भी उसी श्रेणी की निराधार शिकायत है।

बता दे कि गत दिनों शिवपुरा थाने में संत फूलपुरी के खिलाफ पाली जिले के देसूरी थाना क्षेत्र के नीपल गांव निवासी चंदनलाल गर्ग (70) पुत्र पुखराज गर्ग ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोप लगाया कि जाडन आश्रम के महामंडलेश्वर महेश्वरानंद के बुआ का बेटा भाई है। ट्रस्ट की गतिविधियों से निरंतर रूप से जुड़ा हुआ है। आरोप लगाया था कि पिछले 2 सालों से स्वामी महेश्वरानन्द का स्वास्थ्य कमजोर है। वे बोलने, समझने और व्यक्तियों को पहचानने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में वे किसी भी प्रकार का स्वतंत्र, स्वैच्छिक एवं वैधानिक निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। इसी दुर्बलता एवं असहाय स्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए जाडन आश्रम में रहने वाले संत फूलपुरी सुनियोजित और आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए ट्रस्ट के प्रबंधन एवं संपत्तियों को हड़पने का प्रयास किया है।

इससे पहले उमापुरी ने पाली शहर के कोतवाली थाने में 13 जनवरी को संत फूलपुरी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जिसमें आरोप लगाया कि षड्यंत्र रचकर संत महेश्वरानंद को खाने पर बुलाकर आश्रम की संपत्तियों के डॉक्यूमेंट पर अंगूठा लगवाया है।

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