• April 16, 2026

बाल विवाह की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश जारी, रोकथाम के इन नम्बरो पर कर सकते हो शिकायत

PALI SIROHI ONLINE

*बाल विवाह की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश जारी*

पाली, 16 अप्रैल। आगामी अक्षय तृतीया (आखातीज) 19 अप्रैल एवं पीपल पूर्णिमा 01 मई जैसे अबूझ सावों पर बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

न्याय शाखा प्रभारी एवं एडीएम सीलिंग ओम प्रभा ने बताया कि इन पर्वों के दौरान विशेष सतर्कता बरतते हुए बाल विवाह जैसी कुप्रथा की रोकथाम सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित अन्य स्थानों पर भी बाल विवाह की आशंका को देखते हुए निरंतर निगरानी रखी जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम एवं तहसील स्तर पर पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम सेवक, कृषि पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, शिक्षकों तथा अन्य संबंधित विभागों के कार्मिक समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन में जागरूकता बढ़ाई जाए।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर गठित महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य संगठनों को सक्रिय किया जाए। साथ ही हलवाई, बैण्डबाजा, पंडित, टेंट संचालक एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों को बाल विवाह में सहयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं, चेतना बैठकों एवं विद्यालयों में बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए। जिन परिवारों में बाल विवाह की आशंका हो, वहां समन्वित रूप से समझाइश कर आवश्यकतानुसार कानूनी कार्यवाही की जाए।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा पर जिला एवं उपखंड स्तर पर 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। आमजन 181 कॉल सेंटर, जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 02932-225380 तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 02932-251545 एवं 8764875055 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

उन्होंने सभी उपखंड मजिस्ट्रेट एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। बाल विवाह की रोकथाम को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए की गई कार्यवाही की रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास विभाग को समय पर प्रेषित की जाए।

You cannot copy content of this page