‘हिंदू बेटियों की सुरक्षा और धर्म रक्षा का संकल्प’:माउंट आबू में राष्ट्रीय बजरंग दल का प्रशिक्षण वर्ग जारी
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
माउंट आबू-माउंट आबू में राष्ट्रीय बजरंग दल का अखिल भारतीय वीर हिंदू विजेता हिंदू शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह वर्ग 18 से 23 अप्रैल तक रघुनाथ मंदिर, नक्की झील में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दूसरे दिन राष्ट्रीय बजरंग दल के संयुक्त महामंत्री इंद्रजीत राजगुरु ने युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज सिंह भी मंच पर मौजूद रहे, जबकि गौरव राघव ने कार्यक्रम का संचालन किया।
‘हिंदू की रक्षा, सम्मान, समृद्धि के लिए है बजरंग दल’
इंद्रजीत राजगुरु ने अपने संबोधन में हनुमानजी को भगवान राम के कार्य के लिए सदा तत्पर रहने वाला आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के नेतृत्व में बजरंग दल हिंदू समाज की रक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए कार्यरत है।
राजगुरु ने जोर दिया कि संगठन जिहाद से हिंदू बहनों-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है और आसुरी शक्तियों को चुनौती दे रहा है। उन्होंने युवाओं से हनुमान जी को आदर्श मानकर ‘राम-कार्य’ में लगने और हिंदू-विरोधी गतिविधियों को पनपने नहीं देने का आह्वान किया।हिंदू-विरोधी गतिविधियों को पनपने नहीं देने का आह्वान
राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज सिंह ने हनुमान जी के लंका-विध्वंस का उदाहरण देते हुए कहा कि बजरंग दल जिहादियों का विध्वंस करने को संकल्पित है। उन्होंने “हाथ में कलावा, हिंदू बेटियों के साथ छलावा” नारे के माध्यम से जागरूकता पर बल दिया।
मनोज सिंह ने यह भी बताया कि ‘ओजस्विनी’ कार्यक्रम के जरिए हिंदू बहनों को हिम्मत देकर जिहाद विरोधी ‘दुर्गा शक्ति’ खड़ी की जाएगी।
तोगड़िया के स्वागत की रूपरेखा तैयार
इस प्रशिक्षण वर्ग में संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौड़ (अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद) और इंद्रजीत राजगुरु सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें कर्मेंदु भाई, जीतू भाई प्रजापति, जगदीश बड़ोदरिया, राजा गौतम, लालू यादव, बिजेंद्र चौहान, बिजेंद्र सैनी और आयुष नायक शामिल थे।
स्थानीय स्तर पर नगर अध्यक्ष हेमंत बोहरा, रवि सिंधल, वनराजसिंह (ओरिया नगर अध्यक्ष), अमरसिंह (तहसील अध्यक्ष), महेश राणा और सुरेन्द्र गिरी भी मौजूद रहे।
वर्ग के दौरान डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के स्वागत की रूपरेखा भी तैयार की गई। इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य हिंदू युवाओं को अनुशासित कर धर्म-रक्षा का संकल्प दिलाना तथा राष्ट्रीय निर्माण और सनातन रक्षा में योगदान के लिए प्रेरित करना है।
