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सिरोही-सिरोही जिले में पंचायत समिति शिवगंज की ग्राम पंचायत जोयला में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सामने आई है। पोसालिया से जोयला के रेबारी वास में प्रवेश करने वाला मुख्य मार्ग पिछले करीब 2 साल से जर्जर, कीचड़युक्त और बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों को आज भी कीचड़ और गंदगी से भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान सरकार गांवों के विकास के लिए लाखों रुपए का बजट जारी कर रही है, लेकिनधरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। ग्रामीण सेवा शिविरों और जनसुनवाई के माध्यम से भी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
बारिश के दिनों में हालात ज्यादा खराब
बारिश के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। रास्ते पर कीचड़ इतना अधिक हो जाता है कि दोपहिया वाहन तक फंस जाते हैं और आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत पहले भी सरपंच प्रतिनिधि और ग्राम विकास अधिकारी पर लगे विभिन्न आरोपों को लेकर विवादों में रही है।
स्कूली बच्चों, बुजुर्गों को खासा परेशानी
इसके बावजूद सफाई व्यवस्था और सड़क निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रतिदिन इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत, संबंधित ठेकेदार और पंचायत समिति प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सड़क निर्माण, जल निकासी और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
सफाई ठेकेदार बोले- 4 दिन में पूरी कर देंगे सफाई
इस मामले में शिवगंज पंचायत समिति के कार्यवाहक विकास अधिकारी मोहनलाल ने कहा, “मामले की जांच कर जल्द ही समाधान करवाता हूं।”
वहीं, जोयला के सफाई ठेकेदार हिम्मत ने बताया, “ग्राम पंचायत द्वारा वर्क ऑर्डर दिए हुए करीब 20 दिन हुए हैं। सफाई कार्य शुरू कर दिया गया है। गांव बड़ा होने के कारण तीन-चार दिन में सफाई पूरी कर दी जाएगी।”
जोयला ग्राम पंचायत के वार्ड पंच दशरथ सिंह ने बताया कि करीब 2 साल से इस समस्या के समाधान के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत की घोर लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही। रोज स्कूली बच्चे गिरते हैं, शिकायतें आती हैं। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और राज्य मंत्री तक शिकायत की, फिर भी समाधान नहीं हुआ। सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर हालात बदतर हैं। गंदगी से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
रेबारी वास निवासी नरसाराम देवासी ने बताया कि लंबे समय से रास्ते की हालत खराब है। कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी होती है और आए दिन वाहन चालक गिरते रहते हैं।
गांव के ही मांगाराम मेघवाल ने बताया कि रोज इसी रास्ते सेगुजरना पड़ता है। कीचड़ इतना ज्यादा है कि मोटरसाइकिल के आधे से अधिक टायर तक धंस जाते हैं। आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।


