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जोधपुर-जोधपुर शुद्धता जोधपुर की पहचान है। यहां की खान-पान और घी पूरी दुनिया में विख्यात है। लेकिन बीते कुछ सालों से जोधपुर की इस साख पर लगातार दाग लगे रहे हैं। यहां की सबसे बड़ी भदवासिया मंडी सहित कई इलाकों में नकली घी पकड़ा जा चुका है।
अब मगरा पूंजला में 80 फीट रोड स्थित संत लिखमीदास नगर में घी की एक फैक्ट्री में नकली माल बनने की आशंका है। इसी शक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा शाखा व माता का थान पुलिस थाने ने वहां रौनक इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। मिलावट की आशंका में वहां से 3580 लीटर देसी और 375 लीटर वनस्पति घी जब्त किया है। सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्रसिंह शेखावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं ड्रग कंट्रोल आयुक्त एच. गुईटे के निर्देशानुसार प्रदेशवासियों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए मिलावटखोरी के खिलाफ धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश शर्मा, विजय कंवर, रेवत सिंह व प्रवीण चौधरी द्वारा फर्म रौनक इंडस्ट्रीज से घी हरियाना प्लस, दावत, शोभा, जयश्री कृष्णा, सागर प्लस, बिना लेबल घी के टीन और दीप गोपाल वनस्पति के नमूने लिए गए। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
जांच रिपोर्ट अनुसार विधिक कार्रवाई संपादित होगी। ये फर्म बालेसर दुर्गावता निवासी नवीन जैन पुत्र गौतमचंद जैन की है। कार्रवाई अनुसार विक्रेता ये हैं, लेकिन कागजों में उन्होंने अपने साले आऊ निवासी महावीरचंद का नाम दे रखा है। जोधपुर में घी की बंपर खपत है। यहां कई कंपनियां भी अपना माल आकर बेच रही है। नकली घी तक बाजारों में आ रहे हैं। जो लोगों को महंगे दामों में बेचे जा रहे हैं। एक दशक से जोधपुर नकली घी का गढ़ बना हुआ है। कार्रवाई का अभाव, सांठगांठ और ऊपर तक पहुंच के कारण कई मिलावटियों को पकड़ा तक नहीं जा रहा है।


