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जालोर-पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर नौकरी हासिल करने के मामले में एसओजी ने 10 हजार रुपए की इनामी महिला आरोपी चुंकी बाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 18 महीने से फरार थी और जालोर व भरतपुर सहित कई जगह छिपकर रह रही थी। जांच में सामने आया कि उसने अपने स्थान पर दूसरी महिला से परीक्षा दिलवाई थी। एसओजी ने पहले ही डमी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया था। अब मामले में आगे की जांच जारी है।18 महीने से फरार थी, 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी चुंकी बाई, पत्नी हनुमानाराम विश्नोई, सरवाना थाना क्षेत्र के डडूसन, बावरला की रहने वाली है। वह 2021 की पटवारी भर्ती परीक्षा के मामले में करीब 18 महीने से फरार चल रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। फरारी के दौरान वह जालोर, भरतपुर सहित अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रही थी। फिलहाल वह निलंबित चल रही थी।
डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर बनी थी पटवारी
जांच में सामने आया कि चुंकी बाई ने पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी। इसके लिए प्रवेश पत्र पर फोटो बदलकर कूटरचित हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। परीक्षा में सफल होने के बाद उसका पटवारी पद पर चयन हो गया और भरतपुर जिले के कुम्हेर क्षेत्र में उसकी नियुक्ति भी हो गई।
गोपनीय शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
नियुक्ति के बाद एसओजी को उसके खिलाफ गोपनीय शिकायत मिली। जांच के बाद राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया और आरोपी की तलाश शुरू की गई।डमी बनकर परीक्षा देने वाली महिला पहले ही गिरफ्तार हो चुकी
एसओजी के अनुसार चुकी बाई की जगह छम्मी उर्फ सम्मी उर्फ समिता विश्नोई ने परीक्षा दी थी। इसके बदले छम्मी ने चुंकी बाई से 5 लाख रुपए लिए थे।
छम्मी उर्फ सम्मी उर्फ समिता विश्नोई, पत्नी गणपतलाल विश्नोई, धोरीमन्ना के कबूली और हाल सरवाना के लालजी की डूंगरी की रहने वाली है। वह खुद सेकंड ग्रेड टीचर थी। जांच में सामने आया कि वह करीब चार भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे चुकी थी। एसआई भर्ती परीक्षा में भी उसका नाम आया था। वह बालोतरा थाने की वांटेड थी और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
मथुरा में आरती करते समय पकड़ी गई थी छम्मी
करीब दो साल पहले जोधपुर आईजी की साइक्लोनर टीम ने छम्मी को मथुरा से गिरफ्तार किया था। फरारी के दौरान वह मथुरा चली गई थी। वह अपनी भतीजी से फोन पर बात करते समय बार-बार “राधे-राधे” बोलती थी। इसी आधार पर टीम को उसके किसी धार्मिक स्थल पर होने का अंदेशा हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे मथुरा में गायों की शोभायात्रा के दौरान आरती करते समय पकड़ लिया था।


