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जालोर-जालोर जिला उपभोक्ता आयोग ने 22 कैरेट सोने के गहने के बदले 24 कैरेट सोने की कीमत वसूलने के मामले में एक ज्वेलर को 40 हजार रुपए अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति के 30 हजार तथा परिवाद व्यय के 10 हजार रुपए 45 दिन के भीतर भुगतान करने को कहा है।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने 4 अगस्त को फैसला सुनाया।2023 में दर्ज कराया था परिवाद
सेवाड़िया निवासी रणछोड़ाराम ने 2023 में रानीवाड़ा स्थित अंबिका ज्वेलर्स के प्रो. दिलीप भाई सोनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया।
परिवाद में बताया गया कि 1 जून 2022 को उन्होंने सोने की कंठी बनवाई थी। इसके लिए 24 कैरेट सोने की दर से 2 लाख 22 हजार 508 रुपए, मजदूरी के 15 हजार रुपए, नग लगाने के 6 हजार रुपए और गोल्ड टेस्टिंग सर्टिफिकेट के 800 रुपए लिए गए। इस तरह कुल 2 लाख 44 हजार 308 रुपए का भुगतान किया गया।
गोल्ड टेस्टिंग में 22 कैरेट सोना मिला
परिवादी ने आरोप लगाया कि कंठी में नग लगाने से पहले 5 से 6 ग्राम सोना कम कर दिया गया। बाद में गोल्ड टेस्टिंग कराने पर कंठी में 22 कैरेट यानी 91.60 प्रतिशत सोना पाया गया।
जवाब नहीं देने पर हुई एकतरफा कार्रवाई
आयोग ने बताया कि ज्वेलर ने 14 जुलाई 2025 तक अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
आयोग ने बिल, गोल्ड टेस्टिंग सर्टिफिकेट, शपथ पत्र औरअन्य दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई की। आयोग ने माना कि 22 कैरेट सोने के गहने के लिए 24 कैरेट सोने का मूल्य वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।


