PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जसवंतपुरा तहसीलदार नीरज कुमारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि पिंडवाड़ा नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी (ईओ) रहते हुए उन्होंने एमएस ट्यूबलर पोल की खरीद में नियमों की अनदेखी कर सरकारी खजाने को 18 लाख 83 हजार 700 रुपए का नुकसान पहुंचाया। एसीबी ने इस मामले में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भाटिया समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमादर्ज किया है।
पाली निवासी की शिकायत पर शुरू हुई जांच
एसीबी थाना जयपुर में 30 जून को एफआईआर दर्ज की गई।
मामले की शुरुआत पाली जिले के सुमेरपुर निवासी राजेन्द्र कुमार जैन की शिकायत से हुई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय ने प्राथमिक जांच कराई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अनुमति ली गई। अनुमति मिलने के बाद नियमित एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई।
13,102 रुपए के पोल 59,800 रुपए में खरीदे
एसीबी जांच के अनुसार पिंडवाड़ा नगर पालिका ने आमली रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 7.5 मीटर के 35 एमएस ट्यूबलर पोल खरीदे। प्रत्येक पोल के लिए 59,800 रुपए का भुगतान किया गया। जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता से बीएसआर दरें मंगवाई गईं। वर्ष 2022 की बीएसआर के अनुसार 7.5 मीटर एमएस ट्यूबलर पोल की कीमत 10 प्रतिशत अंतर सहित केवल 13,102 रुपए प्रति पोल थी। इस तरह प्रत्येक पोल पर 46,698 रुपए अधिक भुगतान किया गया। 35 पोलों की खरीद में कुल 18 लाख 83 हजार 700 रुपए का अतिरिक्त भुगतान कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। एसीबी का आरोप है कि पोल सरकारी स्वीकृत दर और बाजार मूल्य की तुलना में करीब साढ़े चार गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
एसीबी की जांच में सामने आया कि राजस्थान राज्य सार्वजनिक खरीद (SPPP) पोर्टल पर निविदा की सूचना अपलोड नहीं की गई। राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012 और नियम-2013 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। खरीद से पहले आवश्यक तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई। जेम पोर्टल से खरीद के लिए अनिवार्य उपापन समिति का गठन भी नहीं किया गया। प्रशासनिक और वित्तीयस्वीकृति होने के बावजूद पूरी खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित की गई।
प्रस्ताव से मंजूरी तक सभी की भूमिका जांच के दायरे में
एसीबी के अनुसार तत्कालीन भंडार प्रभारी ने करीब 22 लाख रुपए के ट्यूबलर पोल खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया। इसके बाद लेखा शाखा ने संबंधित बजट मद का उल्लेख किया। फाइल तत्कालीन ईओ नीरज कुमारी के माध्यम से तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भाटिया के पास भेजी गई, जिन्होंने प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी। बाद में कार्यादेश को भी मंजूरी दे दी गई। एसीबी का आरोप है कि पूरी खरीद प्रक्रिया नियमों के विपरीत होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इसे स्वीकृति दी, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।


