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जालोर-डमी अभ्यर्थी बिठाकर व फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाली जालोर परमेश्वरी। की एक युवती के विरुद्ध एसओजी ने परीक्षा अधिनियम व धोखाधड़ी सहित 10 धाराओं में केस दर्ज किया है। फर्जी डिग्री देने वाले विवि और एक अन्य को भी आरोपी बनाया है।
रिपोर्ट के अनुसार चितलवाना के पास डावल निवासी परमेश्वरी पुत्री मोहनलाल ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में आवेदन किया। इस भर्ती परीक्षा में उसने फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल की है। साथ ही उसने परीक्षा भी डमी अभ्यर्थी से दिलाई है। एसओजी की चुरु में राजगढ़ युनिट के एएसपी धर्माराम गिला ने पहले मामले की जांच की। जांच के बाद उन्होंने एसओजी जयपुर को परमेश्वरी, फर्जी डिग्री देने वाली भोपाल की यूनिवर्सिटी व एक अज्ञात के विरुद्ध आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 की धारा 3, 6, 7, 10 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की।
दस्तावेज व प्रवेश फापर किए साइन मेल नहीं खाए
परमेश्वरी ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित पीटीआई सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में आवेदन के समय चुरु की ओपीजेएस विवि से 2020-22 सत्र में डीपीएड कोर्स के लिए अपीयरिंग बताया था। उसे जयपुर के विद्याधर नगर स्थित केपीएस उड़ान परीक्षा केंद्र मिला। 25 सितंबर 2022 को परमेश्वरी के रोल नंबर 742609 पर परीक्षा तो दी गई, लेकिन एसओजी की जांच के अनुसार वह परीक्षा केंद्र पर मौजूद नहीं थी। उसकी जगह किसी अन्य ने परीक्षा दी। साथ ही दस्तावेज में मौजूद हस्ताक्षर और प्रवेश पत्र पर किए हस्ताक्षर भी मेल नहीं खाए। चयन के बाद उसने सत्यापन में भोपाल की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज से वर्ष 2019-21 तक बीपीएड कोर्स की अंकतालिकाएं भी जांच में फर्जी निकली।


