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जालोर-शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को बागोड़ा के सेवड़ी राउमावि में कार्यरत हिंदी साहित्य की व्याख्याता उर्मिला कुमारी को निलंबित कर दिया। वह 17 मई 2024 से ही बिना सूचना या अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित चल रही थी। विभाग ने उसके विरुद्ध जांच की और उसे निलंबित कर दिया। वह अजमेर के सिविल लाइन थाने में आरपीएससी द्वारा मार्च 2024 दर्ज मामले में भी फरार चल रही थी।
बता दें कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने शुक्रवार को उसके निलंबन का आदेश जारी किया।
इससे पहले 10 जुलाई को उसके विरुद्ध 16 सीसीए के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। उसे कार्रवाई के लिए सौंपे ज्ञापन में उस पर 2 आरोप लगाए। पहला ये कि वह अजमेर के सिविल लाइन में परीक्षा अधिनियम सहित 6 थाने धाराओं में दर्ज मामले में फरार है और दूसरा ये कि वह 17 मई 2024 से बिना किसी सूचना या अवकाश स्वीकृति के ड्यूटी से नदारद चल रही है। विभाग ने उसे ज्ञापन सौंपकर 15 दिन में उससे जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी है। उर्मिला का फोन भी बंद आ रहा है। उर्मिला का पति पूनमाराम सिरोही में व्याख्याता था। वह एसओजी का वांछित था। शिक्षा विभाग ने किसी अन्य मामले में करीब एक साल पहले सस्पेंड कर दिया।
उर्मिला: राजकीय सेवा में रहते हुए प्रियंका की जगह परीक्षा में डमी बैठी
उर्मिला ने 3 अप्रैल 2021 को विभाग में जॉइन किया। राजकीय सेवा में रहते उसने कमला विश्नोई के लिए प्राध्यापक परीक्षा 15 अक्टूबर 2022 में डमी बनकर परीक्षाएं दी थी और उसे 31 अक्टूबर 2023 को जारी मेरिट (रोल नंबर 442663) में 7वां स्थान दिलाया था। हालांकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान आरपीएससी ने कमला अजमेर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने उर्मिला से परीक्षा दिलवाई थी। उसी के बाद से उर्मिला व उसका पति पूनमाराम फरार हो गए। इसके अलावा उर्मिला ने प्रियंका विश्नोई की जगह पर भी परीक्षा दी।
प्रियंकाः वाडा भाडवी राउमावि में बतौर तृतीय श्रेणी शिक्षिका कार्यरत
प्रियंका फिलहाल वाडा भाडवी राउमावि में बतौर तृतीय श्रेणी शिक्षिका कार्यरत है। रीट (लेवल 1) 2023 परीक्षा में उसकी जगह पर उर्मिला डमी बैठी थी। एक शिकायत पर डीईओ प्रारंभिक, शिक्षा विभाग मुख्यालय और एसओजी जांच कर रही है। इसमें आरोप है कि प्रियंका ने अपने आवेदन पत्र पर पारंपरिक पोशाक में खुद का फोटो लगाया, लेकिन परीक्षा देने उर्मिला गई। उर्मिला भी पारंपरिक पोशाक पहनकर गईं, इससे वह पकड़ में नहीं आ सकी। शिक्षा निदेशालय व एसओजी
अब पराक्षा कद्र क सासाटावा व पराक्षा क दारान किए गए हस्ताक्षर मिलान करेगी।
कमला: 20 मार्च 2024 को दर्ज इस मामले में गिरफ्तार हो चुकी है
कमला ने आरपीएससी की ओर से आयोजित प्राध्यापक हिंदी प्रतियोगी परीक्षा-2022 की मुख्य मेरिट में 7वां स्थान प्राप्त किया। इस नौकरी के लिए उसने अपने भाई दलपत सिंह विश्नोई की मदद से मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री लगाई। उसने परीक्षा भी उर्मिला से दिलाई। कमला के विरुद्ध अजमेर के सिविल लाइंस थाने में 20 मार्च 2024 को आरपीएससी के वरिष्ठ उप सचिव अजयसिंह चौहान ने मामला दर्ज कराया था। इसकी जांच में उर्मिला को भी आरोपी माना है। हालांकि कमला 20 मार्च को ही गिरफ्तार हो चुकी है। साथ में ब्रम्हा कुमारी को भी गिरफ्तार किया था।
अवकाश से पहले जॉइन करती, फिर गायब हो जाती
उर्मिला 17 मई 2024 से ही स्कूल नहीं पहुंची, लेकिन बीते साल शीतकालीन अवकाश के ठीक पहले उसने जॉइन किया और अवकाश समाप्त होते ही फिर से अनुपस्थित हो गई।
ऐसा ही ग्रीष्मावकाश में भी किया। ग्रीष्मावकाश से ठीक पहले उसने बिना पूर्व ऑनलाइन आवेदन के कार्यग्रहण कर लिया। उसे संस्थाप्रधान ने कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। एसओजी ने भी उसे कई नोटिस किए, लेकिन उसने कभी जवाब नहीं दिया।


