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जालोर। हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम को खारिज करना बीमा कंपनी को भारी पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जालोर ने जालोर निवासी सूरज राज पुत्र बाबूलाल की शिकायत पर सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 32,893 रुपए चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 40 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति एवं परिवाद व्यय के रूप में अदा करने और 1 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश दिया है।
13,708 रुपए प्रीमियम देकर ली थी पॉलिसीः परिवादी ने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसके लिए उसने 13,708 रुपए प्रीमियम जमा कराया था। इसके बाद चिकित्सा खर्च से संबंधित क्लेम किया गया, जिसे बीमा कंपनी ने दिसंबर 2022 में खारिज कर दिया था।
विसंगतियों और गलत जानकारी को बनाया था आधारः बीमा कंपनी की ओर से क्लेम खारिज करने के लिए कथित विसंगतियों और गलत जानकारी दिए जाने को आधार बताया गया था। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने बीमा कंपनी को 32,893 रुपए चिकित्सा खर्च की राशि अदा करने के निर्देश दिए।
देरी पर ब्याज भी देना होगा: आयोग ने 40 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति एवं परिवाद व्यय के रूप में देने के साथ 1 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का भी आदेश दिया है। आदेश की पालना निर्धारित अवधि में करने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर आदेश में निर्धारित ब्याज की व्यवस्था भी की गई है।




