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जालोर-मासूम सी 4 बच्चियों को अपनों ने पालने में छोड़ दिया। उन्हीं बच्चियों को पूरे शहर ने पालने से पलकों पर उठा लिया। शोभायात्रा निकाली। फूल बरसाए। शिश-गृह में मंगल प्रवेश कराया। बेटियों पर खूब दुलार बरसा। मामला जालोर का है।
शुक्रवार को शिशुगृह में बच्चियों के लिए आशीर्वाद समारोह रखा गया।
राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी (शिशु गृह) कीअधीक्षक मौर कंवर ने बताया- शिशु केंद्र के बाहर लगे पालने में पिछले ढाई महीने के दौरान ये चारों बच्चियां अलग-अलग समय पर मिली थीं। परंपरा और रीति रिवाज के साथ बच्चियों को शिशु गृह में लाए हैं।
शहर में निकाली बेटियों की शोभायात्रा
अधीक्षक मौर कंवर ने बताया-बेटियों के सम्मान और समाज में जागरूकता का संदेश देने के लिए यह कदम उठाया। पूरे शहर का प्यार बेटियों को मिला। हम चाहते हैं कि लोग बेटियों का सम्मान करें। संकट की स्थिति में नवजात बच्चों को असुरक्षित जगह न छोड़ें। उन्हें हमारे पास पालने में छोड़ दें।पालने से पलकों पर उठाया
शिशुगृह की अधीक्षक मौर कंवर ने बताया- आज चारों बच्चियों को सजे-धजे रथ में लिटाया। इसके बाद अस्पताल चौराहे से बाल कल्याण समिति कार्यालय (नया बस स्टैंड) तक शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों, मंगल गीतों के साथ कारवां आगे बढ़ा। शिशु गृह में तिलक लगाकर मंगल गीतों के बीच बच्चियों को गृह प्रवेश कराया। अतिथियों ने बच्चियों को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर मौजूद विधायक और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा-
” बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान, संरक्षण और सशक्तिकरण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। समाज को बेटियों के लिए सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेन्द्र सिंह चंदावत बोले- हर बच्ची को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। दत्तक ग्रहण मानवीय पहल है। ऐसे आयोजन से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ती है।
इस मौके पर बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी राजीव सुथार, डॉ. मुकेश चौधरी, पदमा राम चौधरी, लीला राजपुरोहित, बाल कल्याण समिति की सदस्य नजमुन निशाराजपुरोहित, बाल कल्याण समिति की सदस्य नजमुन निशा खोखर, रामसिंह, सरिता चौधरी, अधिवक्ता प्रवीण चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


