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जैतारण (व्यावर)। ब्यावर जिला पुलिस के ‘ऑपरेशन एंटी वायरस’ अभियान के तहत 38 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। जैतारण पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगों को बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। गिरफ्तार आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
38 लाख की ठगी के बाद शुरू हुई जांच
जैतारण थानाप्रभारी धोलाराम परिहार ने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को एक पीड़ित ने 38 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर प्रकरण संख्या 507/2025 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी विश्लेषण से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
गंगानगर से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने विशाल पुत्र राजेंद्र (28) निवासी पुरानी आबादी, राधास्वामी डेरा के पास, गंगानगर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का काम करता था।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
राजस्थान-हरियाणा तक जुड़े हो सकते हैं तार
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क के तार राजस्थान के अलावा हरियाणा से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ठगी गई राशि के इस्तेमाल, नेटवर्क की कार्यप्रणाली और अन्य आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
ऑपरेशन एंटी वायरस के तहत कार्रवाई
ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन एंटी वायरस’ अभियान के तहत साइबर अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही और अहम खुलासे हो सकते हैं।


