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राजस्थान की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। अशोक गहलोत ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और नागौर सांसद नेता हनुमान बेनीवाल पर मानेसर कांड के समय उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। इसके बाद किरोड़ी लाल ने दौसा में पलटवार करते हुए गहलोत को आड़े हाथों लिया।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि गहलोत की सरकार जनता की नजरों में उसी दिन गिर गई थी, जब उन्होंने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।मानेसर कांड का किया जिक्र
किरोड़ी लाल मीणा ने मानेसर कांड के समय का जिक्र करते हुए अपने बयान में कहा कि गहलोत जी ने मुझ पर और हनुमान बेनीवाल पर आरोप लगाया कि हम उनकी सरकार को गिराने में जुटे थे। लेकिन सच्चाई तो यह है कि उनकी सरकार के पतन के सूत्रधार वे खुद थे। दूसरों के हक पर डाका डालने के कारण ही बगावत हुई। उन्होंने कुर्सी तो बचा ली, लेकिन जनता की नजरों में अपनी सरकार को गिरने से नहीं बचा सके।किरोड़ी ने गहलोत सरकार पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक कांड को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपकी सरकार उस दिन ही जनता की नजरों में गिर गई थी, जब आपने युवाओं की मेहनत और सपनों का सौदा नकल माफिया के साथ किया। मैंने बार-बार पुख्ता सबूत दिए, लेकिन पेपर लीक करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण दिया गया।
किरोड़ी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार गहलोत के एक-एक कारनामे को उजागर कर रही है और जनता ने मौका मिलते ही इसका हिसाब चुकता कर कांग्रेस को विपक्ष में बिठा दिया।गहलोत ने क्या कहा था?
दरअसल, जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार, बीजेपी और विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा था। गहलोत ने किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा था कि किरोड़ी और बेनीवाल दोनों दोस्त हैं और मेरी सरकार को गिराने की साजिश में शामिल थे। दोनों ने हेलिकॉप्टर से पूरे राजस्थान में घूमकर यह कोशिश की थी। गहलोत ने दावा किया कि उनकी सरकार का बचना एक बड़ी उपलब्धि थी। पैसे के लेन-देन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर बाद में चर्चा होगी।


