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दौसा-दौसा की मेहंदीपुर थाना पुलिस ने लड़की के ब्लाइंड मर्डर का सोमवार को खुलासा किया। प्रेमी ने एक्सट्रा मैरिटल अफेयर के चलते प्रेमिका की हत्या की थी। दोनों शादीशुदा थे, प्रेमिका युवक पर पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी।
इससे परेशान होकर प्रेमी अपनी प्रेमिका को बुलंदशहर से 270 किलोमीटर दूर मेहंदीपुर बालाजी (दौसा) लेकर आया।मोरा माता मंदिर ले जाने के बहाने पहाड़ी पर ले गया और दोस्त के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान न हो, इसलिए उसका चेहरा पत्थर से कुचल दिया।
मामला 17 अगस्त का है। पुलिस ने बताया- मेहंदीपुर बालाजी के मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद युवती दो युवकों के साथ सीसीटीवी में जाती हुई दिखी। तीनों की फोटो राजस्थान, यूपी और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के थानों को भेजकर तस्दीक की। युवती संगीता (22) बुलंदशहर की रहने वाली थी।
आरोपियों की पहचान यूपी के बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना इलाके के जीराजपुर गांव निवासी गजेंद्र मीणा (28), उसके दोस्त पहासू थाना इलाके के अजीजाबाद निवासी विवेक मीणा के रूप में हुई।
शादीशुदा था, प्रेमिका से पीछा छुड़ाना चाहता था
एडिशनल एसपी शंकरलाल मीणा ने बताया- गजेंद्र मीणा की कुछ महीने पहले ही शादी हुई थी। प्रेमिका संगीता गजेंद्र पर पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इससे गजेंद्र परेशान हो गया। प्रेमिका संगीता से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या का प्लान बनाया। मर्डर के प्लान में अपने दोस्त विवेक मीणा को भी शामिल किया।मेहंदीपुर बालाजी दर्शन कराने के बहाने लाए
एडिशनल एसपी ने बताया- संगीता को गजेंद्र ने शादी करने का वादा किया और मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन कराने की बात कही। संगीता तैयार हो गई। इसके बाद 17 अगस्त को बुलंदशहर से गजेंद्र, उसका दोस्त विवेक और संगीता तीनों 270 किलोमीटर दूर मेहंदीपुर बालाजी (दौसा) पहुंच गए।
गजेंद्र ने सोचा था कि मेहंदीपुर बालाजी में पूरे से देश से श्रद्धालु आते हैं। यहां पहाड़ी एरिया भी है। ऐसे में वह वारदात को अंजाम देकर लौट जाएगा और पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी।
बालाजी में लोगों की भीड़ के चलते उसे मौका नहीं मिला। इसके बाद उसने मंदिर के पास पहाड़ी पर स्थित मोरा माता जाने की बात कही। तीनों मोरा माता मंदिर पहुंचे। वहां रास्ते में सुनसान जगह देखकर गजेंद्र ने संगीता का गला घोंट दिया। वह बेहोश हो गई तो दोनों दोस्तों ने उसका चेहरा पत्थरों से कुचल दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
ब्लाइंड मर्डर था, पहचान का कोई सबूत नहीं मिला
एडिशनल एसपी शंकरलाल मीणा ने बताया- 17 अगस्त की दोपहर लड़की की लाश लहूलुहान हालत में मोरा माता मंदिर के रास्ते में झाड़ियों में मिली। लड़की का चेहरा पत्थरों से कुचला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। बालाजी मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे मेंऔर आईजी के निर्देशन में एक टीम बनी जिसमें मेरे सहित बालाजी थाना एसएचओ, साइबर सेल और डीएसटी के मेंबर थे।
लड़की के कपड़ों से किया सीसीटीवी फुटेज का मिलान
शंकरलाल मीणा ने बताया- लड़की ने पीले रंग का सूट पहना हुआ था। मेहंदीपुर बालाजी के मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद एक लड़की पीले कलर का सूट पहनकर दो युवकों के साथ जाती हुई दिखी। तीनों की फोटो को राजस्थान, यूपी और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के थानों को भेजकर तस्दीक की।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए हमारी टीमें दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर और धौलपुर सहित उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी और बदायूं और मध्यप्रदेश के ग्वालियर और उज्जैन तक गईं। हमने वहां के पुलिस थानों, जीआरपी और कंट्रोल रूम में फोटोज भेजे और सूचना मांगी।
पुलिस ने 700 किलोमीटर का सफर किया
टीमों ने बस स्टैंड, होटल, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन और धर्मशालाओं सहित सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्धों की तस्वीरें चस्पा कर पहचान की कोशिश की। बुलंदशहर पुलिस के जरिए लड़की की पहचान की गई और फिर कॉल डिटेल के आधार पर उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त की पहचान की।
टीम ने केस सुलझाने के लिए 700 किलोमीटर का सफर किया और आरोपी गजेंद्र और विवेक को बुलंदशहर में दबोचलिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।


