• May 14, 2026

देसुरी का तिखी ग्राम बना तहसील का स्व-गणना पूर्ण करने वाला प्रथम गाँव

PALI SIROHI ONLINE

*गाँव-तिखी बना देसूरी तहसील का स्व-गणना पूर्ण करने वाला प्रथम गाँव*

*जनगणना 2027 अभियान में ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता और सहभागिता*

पाली, 13 मई 2026/
पाली जिले की देसूरी तहसील का गाँव-तिखी स्व-गणना पूर्ण करने वाला देसूरी तहसील का प्रथम गाँव बनकर उभरा है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ बजरंग सिंह चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित जनगणना 2027 अभियान के अंतर्गत पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प प्रदान किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसी क्रम में पाली जिले की देसूरी तहसील का गाँव-तिखी स्व-गणना पूर्ण करने वाला देसूरी तहसील का प्रथम गाँव बनकर उभरा है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ सिंह ने बताया कि गाँव-तिखी के समस्त परिवारों ने जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण एवं मकान गणना अभियान के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। ग्रामीणों ने मोबाइल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार का पंजीकरण कर जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस उपलब्धि के बाद पूरे गाँव में उत्साह का वातावरण है।

ग्रामीणों ने बताया कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश निर्माण में नागरिकों की भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्व-गणना की सुविधा मिलने से लोगों को घर बैठे जानकारी दर्ज करने का अवसर मिला, जिससे समय की बचत हुई और प्रक्रिया भी सरल बनी।

इस कार्य में स्थानीय विद्यालय के अध्यापक उमेश कुमार मेवाड़ा का विशेष योगदान रहा। उन्होंने गाँव के लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया तथा उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया समझाकर प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन और सतत प्रयासों से गाँव के प्रत्येक परिवार तक जानकारी पहुँची और सभी परिवारों ने सफलतापूर्वक स्व-गणना पूर्ण की।

ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अध्यापक उमेश कुमार मेवाड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से गाँव ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ग्रामीणों ने इसे गाँव के लिए गर्व का विषय बताया।
जनगणना 2027 अभियान का उद्देश्य देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसंख्या संबंधी सटीक जानकारी एकत्रित करना है,

जिससे भविष्य की योजनाओं एवं विकास कार्यों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। गाँव-तिखी की इस पहल को क्षेत्र में जागरूकता और डिजिटल सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। देसूरी क्षेत्र के अन्य गाँवों के लिए भी गाँव-तिखी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। एडीएम डॉ बजरंग सिंह चौहान ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

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