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राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले में पारसोली ग्राम पंचायत में मोतीपुरा के गांव चौसला में रूपारेल नदी पर स्थित एनिकट काजवे पुलिया सारण चौसला पर शुक्रवार को पिता के सामने बेटी और नातिन पानी में बह गई। जिनका रात तक पता नहीं चल पाया। हादसा मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नदी में गिरने से हुआ। जिसमें तीन लोगों की जान बचा ली गई।
जानकारी के अनुसार हाड़ों का खेड़ा निवासी घासीराम (55) पुत्र काना प्रजापत, उनकी पत्नी लाडदेवी, पुत्री मैना (30), दोहिता दक्ष (2) व नातिन रिया (7) शुक्रवार को मोटरसाइकिल पर पुलिया पार कर रहे थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण मोटरसाइकिल पानी में बह गई
ग्रामीणों ने इनमें से घासीराम, लाडदेवी व दक्ष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन मैना व उसकी पुत्री रिया का पता नहीं चल पाया। ग्रामीणों ने तीन घंटे तक मां-बेटी की पानी में तलाश की पर पता नहीं चल पाया। चौसला निवासी शंकरलाल गुर्जर सहित ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए घासीराम प्रजापत, लाड बाई और दक्ष को नदी से बाहर निकाल लिया
तीनों को तुरंत पारसोली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। सूचना मिलते ही पारसोली थानाधिकारी शिवराज, पुलिस उप अधीक्षक बेगूं अंजलि सिंह, उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया, तहसीलदार गोपाल लाल, पारसोली उप तहसीलदार रामचंद्र वैष्णव सहित पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
बार-बार हादसों से ग्रामीण में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि चौसला पुलिया पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। हाल ही में ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल गिरने की घटनाएं भी सामने आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बहुत नीचे होने के कारण बारिश के मौसम में लगातार हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुलिया लोगों के लिए खतरा बन चुकी है।
मौके पर पहुंचे कलक्टर-एसपी
बेगूं उपखंड की ग्राम पंचायत मोतीपुरा के चौसला गांव में रूपारेल नदी पर बने एनिकट काजवे पुलिया पर शुक्रवार दोपहर मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नदी में गिरने से पानी में बही मैना (30) पुत्री घासीराम व उसकी पुत्री रिया (6) की एसडीआरएफ की टीम तलाश कर रही है। जानकारी मिलने पर जिला कलक्टर आलोक रंजन व जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में ही इस स्थल पर बैरिकेटिंग एवं चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। शुक्रवार को हुए हादसे के बाद मौके पर ग्राम रक्षक, बीट प्रभारी, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों, रपटों एवं काजवे पर बहाव होने की स्थिति में किसी भी प्रकार का आवागमन न करें।
स्कूलों में आज अवकाश घोषित
इधर, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान के अनुसार जिले में अतिवृष्टि की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है तथा रेड अलर्ट घोषित किया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए शनिवार को जिले के सरकारी व निजी विद्यालयों सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया है।
जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चित्तौडगढ़ आलोक रंजन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम.2005 की धारा 30 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि 30 अगस्त को जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश रहेगा। यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगा। विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों का समस्त स्टाफ पूर्ववत कार्य करता रहेगा।