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चामुंडेरी में बालिका विद्यालय भवन का दानदाता परिवार ने किया अवलोकन, शिक्षकों की कमी पर जताई चिंता
बाली उपखंड के चामुंडेरी ग्राम में सोनी सीता देवी उम्मेदमल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का दानदाता परिवार के सदस्यों ने अवलोकन किया। एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विद्यालय भवन का दानदाता परिवार के सदस्य निरंजन पंचाल, जयेस पंचाल, सतीश पंचाल, लोकेश पंचाल, नितेश पंचाल एवं शिवा पंचाल विद्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विद्यालय भवन का निरीक्षण करने के साथ ही यहां संचालित हो रही शिक्षण गतिविधियों को देखा तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर शिक्षकों से चर्चा की।
विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य नरोत्तम कुमार ने दानदाता परिवार के सदस्यों का स्वागत किया। दानदाता परिवार के सदस्यों ने विद्यालय के विभिन्न कक्षों, शिक्षण व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों और छात्राओं की पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
शिक्षकों की कमी पर दानदाता परिवार ने जताई निराशा
अवलोकन के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार आधुनिक विद्यालय भवन होने के बावजूद पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर दानदाता परिवार के सदस्यों ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन का निर्माण बालिकाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन यदि विद्यालय में विषयवार पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो भवन और सुविधाओं का पूरा लाभ छात्राओं को नहीं मिल पाएगा।
ग्रामीणों का भी कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्षेत्रवासियों ने विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि बालिकाओं की शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो सके और उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था भवन का उद्घाटन
गौरतलब है कि चामुंडेरी ग्राम में निर्मित इस विद्यालय भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री के हाथों विद्यालय भवन का उद्घाटन होने के बाद ग्रामीणों में क्षेत्र के विकास और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उम्मीद जगी थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के दौरे से क्षेत्र को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में भी कई बड़ी सौगातें मिलेंगी।
हालांकि, विद्यालय भवन का उद्घाटन होने के बाद भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन के निर्माण से विद्यालय को बेहतर आधारभूत सुविधा तो मिली है, लेकिन शिक्षकों की कमी दूर नहीं होने से छात्राओं को अपेक्षित शैक्षणिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से विद्यालय में जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
दानदाता परिवार ने शिक्षण व्यवस्था पर की चर्चा
दानदाता परिवार के सदस्यों ने विद्यालय के शिक्षकों से बातचीत कर छात्राओं की पढ़ाई, विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। परिवार की ओर से विद्यालय के विकास और बालिकाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए गए सहयोग के बाद अब शिक्षकों की कमी का मुद्दा सामने आने पर इसे लेकर चिंता जताई गई।
इस दौरान शिक्षक प्रवीण कुमार परमार, छोटी मीणा, रमेश जांगिड़, वर्षा चौहान, राम हरी मीणा, श्रवण सिंह, विक्रम सिंह, नारायण लाल एवं गोपाल लाल सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा। विद्यालय प्रबंधन एवं दानदाता परिवार के सदस्यों के बीच विद्यालय की वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।

