चामुंडेरी रामदेव जी मन्दिर पर वार्षिक ध्वजा चढ़ाई गई
PALI SIROHI ONLINE
बाली। आज से 70 वर्ष पूर्व सवत 2013 ज्येष्ठ सुदी 13 को चामुंडेरी ग्राम में मेघवालों द्वारा रामदेव जी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस मंदिर का नीव मुहर्रत जवाई बांध के नींव मुहर्रत के दिन ही किया गया था। प्राण प्रतिष्ठा का अंग्रेजी वर्ष मई 1956 के हिसाब से इस वर्ष पुरे 70 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इस मुहर्रत में कई तरह की बोलिया लगी होगी, जिसमें से शिखर ध्वजा की बोली जवाना राम परमार के अनुसार उनके परदादा स्वर्गीय हीराराम जी परमार के द्वारा ली गई। ध्वजा ही एक ऐसी बोली है जो हर वर्ष वर्षगाठ पर वोही परिवार वाले चढ़ाते है। हीराराम जी के बाद गमना राम जी और गमना राम जी के बाद उनके तीनो पुत्र स्व.श्री ओटाराम जी, अमराराम जी व हरिराम जी ध्वजा चढ़ाते आये। ओटाराम जी के परलोक वास होने के बाद से तीनो परिवार बारी बारी से ध्वजा चढ़ाते है। जिसके निमित्त इस वर्ष 2026 में स्व. ओटाराम जी के तीनो पुत्र श्री जवाना राम परमार, श्री लक्ष्मणराम परमार व श्री छगनलाल परमार द्वारा ध्वजा चढ़ाई गई।
इस कार्यक्रम में परिवार के लोगो के साथ समाज के अन्य गणमान्य लोग, महिला, बच्चों ने भाग लिया।
इस आयोजन में शुरुआत से अब तक के सफर में छठी पीढ़ी सरीक हुई। इस धार्मिक आयोजन में जवाना राम जी, लक्ष्मणराम जी, छगनलाल जी के परिवार के अलावा तलसाराम जी, वेनाराम जी, सकाराम जी, गुलाबराम जी, मोहनलाल जी, फतेहचंद जी,एवं समस्त परमार परिवार तथा समाज के नवाराम जी गेहलोत, मालाराम जी, चुनाराम जी, नारायणलाल जी, बाबूलाल जी, तलसाराम जी, मोहनलाल जी गेहलोत, कुपाराम जी राठौड़,वचन परमार आदि उपस्थित थे व बच्चे बच्चियां रामदेव जी के जयकारा लगा रहे।महिलाये मंगल गीत गा कर व नाच कर कार्यक्रम का आनंद लें रही थी। धजा के साथ मंदिर की परिक्रमा कर प्रवीण कुमार, ललितकुमार व छगनलाल ने मंदिर के गुम्बद पर चढ़ कर धजा को यथास्थान चढ़ाया गया। मिष्ठान वितरण कर धार्मिक कार्यक्रम का समापन किया गया।


