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भाटूद में 29 जून को भरेगा श्री शीतला माता का मेला, 800 साल पुरानी परंपरा का अनोखा चमत्कार

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
June 28, 2026
in Local
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PALI SIROHI ONLINE

भाटूद में 29 जून को भरेगा श्री शीतला माता का मेला, 800 साल पुरानी परंपरा का अनोखा चमत्कार

बाली । पाली जिले के भाटूद गांव में 29 जुन 2026 सोमवार (ज्येष्ठ पूर्णिमा) को श्री शीतला माता का भव्य मेला आयोजित होगा । इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता मंदिर में स्थित एक छोटी-सी औखली है, जो लगभग आधा फीट गहरी और आधा फीट चौड़ी बताई जाती है।

स्थानीय मान्यता के अनुसार इसमें हजारों लीटर पानी डालने के बाद भी यह नहीं भरती। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा करीब 800 वर्षों से चली आ रही है। वर्ष में केवल दो बार—शीतला सप्तमी और ज्येष्ठ पूर्णिमा—इस औखली को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है।

इन अवसरों पर महिलाएं कलशों से लगातार पानी अर्पित करती हैं, लेकिन औखली पानी से नहीं भरती। अंत में मंदिर के पुजारी माता को दूध का भोग लगाते हैं, जिसके बाद औखली भर जाने की मान्यता है और फिर इसे पुनः बंद कर दिया जाता है। इन दोनों अवसरों पर गांव में विशाल मेला भी भरता है।

क्या है मान्यता? लोककथा के अनुसार लगभग 800 वर्ष पहले बाबरा नामक एक राक्षस गांव में आतंक फैलाता था। कहा जाता है कि वह ब्राह्मणों के यहां विवाह होने पर दूल्हे की हत्या कर देता था। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने श्री शीतला माता की आराधना की। माता ने एक ब्राह्मण को स्वप्न में दर्शन देकर आश्वासन दिया कि उसकी पुत्री के विवाह के समय वह राक्षस का अंत करेंगी। विवाह के दौरान माता एक बालिका के रूप में प्रकट हुईं और राक्षस का वध कर दिया। मृत्यु से पहले राक्षस ने माता से वरदान मांगा कि गर्मी के दिनों में उसे अत्यधिक प्यास लगती है, इसलिए वर्ष में दो बार उसे पानी पिलाया जाए। माता ने यह वरदान स्वीकार किया। तभी से इस परंपरा के तहत औखली में जल अर्पित किया जाता है और भव्य मेले का आयोजन होता है। आस्था और वैज्ञानिक दृष्टिकोण स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्षों से इस औखली में लाखों लीटर पानी डाला जा चुका है, फिर भी यह नहीं भरती। इसे श्रद्धालु माता का चमत्कार मानते हैं। इसलिए इसे स्थानीय धार्मिक आस्था और लोकमान्यता के रूप में देखा जाता है। हर वर्ष इस मेले में आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचकर श्री शीतला माता के दर्शन करते हैं तथा सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

भांटूद मे श्री शीतला माता मंदिर मे छोटी सी एक फिट छोटी सी चमत्कारी औखली मे हजारो लीटर पानी डालने पर नही भरती है यह माता का चमत्कार है इन्होने कहा मुकेश जानी श्री शीतला माता ट्रस्ट अध्यक्ष भांटूद फाईल फोटो भांटूद मे श्री शीतला माता मेले मे चमत्कारी छोटी औखली मे पानी डालते भक्त व पानी लेकर आई महिलाऐ। (सलग्न फाइल फोटो)भाटूद में 29 जून को भरेगा श्री शीतला माता का मेला, 800 साल पुरानी परंपरा का अनोखा चमत्कार

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