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बाली उपखण्ड के बेडा विधूत डिस्कॉम कार्यालय की छत टपक रही, 13 कर्मचारी हर दिन खतरे में; महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भीग रहे,
जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (पावस) उपखंड कार्यालय, बेड़ा का भवन इन दिनों कर्मचारियों और बिजली उपभोक्ताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि बरसात शुरू होते ही कार्यालय की जर्जर छत कई स्थानों से टपकने लगी है। हालात इतने खराब हैं कि यहां कार्यरत 13 कर्मचारी हर दिन जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों को हर समय इस बात का डर बना रहता है कि कहीं छत का प्लास्टर या उसका कोई हिस्सा अचानक गिरकर बड़ा हादसा न हो जाए।
बारिश का पानी सीधे कार्यालय के भीतर पहुंचने से राजस्व शाखा के सीसी एंड आर रजिस्टर, पीडीसीओ रजिस्टर, एमसीओ रजिस्टर, आरसी बुक, एमसीओ बुक, घरेलू एवं कृषि श्रेणी के विद्युत कनेक्शन की फाइलें, रोकड़ शाखा की कैश बुक, विद्युत दुर्घटना प्रकरण फाइलें, आरटीआई की आवक-जावक फाइलें सहित अनेक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज शुरुआती बारिश में ही भीग चुके हैं। रिकॉर्ड को बचाने के लिए कर्मचारी उन्हें प्लास्टिक में लपेटकर रख रहे हैं। वहीं कंप्यूटरों पर पानी नहीं गिरे, इसके लिए उन्हें प्लास्टिक और थालियों से ढककर काम किया जा रहा है। कई बार कर्मचारियों को रेनकोट पहनकर कार्यालयीन कार्य भी करना पड़ रहा है।
कार्यालय रिकॉर्ड के अनुसार बारिश के कारण अब तक दो कंप्यूटर और एक प्रिंटर खराब हो चुके हैं। कर्मचारियों का कहना है कि काम पूरी तरह बंद नहीं हो, इसलिए कई बार छोटे-मोटे उपकरणों की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाओं का खर्च भी उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ा, क्योंकि हर बार विभागीय सहायता का इंतजार करना संभव नहीं होता।
उपकरण खराब होने का असर बिजली उपभोक्ताओं पर भी पड़ा। बिल जमा कराने, नए बिजली कनेक्शन, नामांतरण तथा अन्य सेवाओं का कार्य करीब पांच दिन तक प्रभावित रहा, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
यह तो अभी बरसात की शुरुआती बारिश है। यदि आने वाले दिनों में लगातार मूसलाधार बारिश होती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। छत का प्लास्टर गिरने का खतरा बढ़ जाएगा, हजारों महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज नष्ट हो सकते हैं और कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ सकता है। कर्मचारियों को सबसे अधिक चिंता रात के समय या अवकाश के दिनों में होने वाली तेज बारिश की रहती है। यदि उस दौरान छत से अधिक पानी टपका या भवन का कोई हिस्सा गिर गया तो सुबह तक रिकॉर्ड और उपकरणों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर इस बरसात में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता जिस भवन में वर्तमान में सहायक अभियंता (पावस) उपखंड कार्यालय संचालित हो रहा है, उसका निर्माण वर्ष 2004 में हुआ था। यह लगभग 22 वर्ष पुराना भवन पहले राजकीय बालिका प्राथमिक विद्यालय था, जहां वर्ष 2015 तक कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती थी। विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण विद्यालय का संचालन बंद कर दिया गया। इसके बाद सितंबर 2018 से जोधपुर डिस्कॉम ने इस भवन में अस्थायी रूप से सहायक अभियंता (पावस) कार्यालय शुरू किया। विभाग का नया भवन वर्तमान में निर्माणाधीन है, लेकिन उसके पूर्ण होने तक कर्मचारी इसी जर्जर भवन में कार्य करने को मजबूर हैं।


