PALI SIROHI ONLINE
बाली उपखण्ड के बारवा निवासी राकेश राजपुरोहित परिवार से मिले राहुल गांधी, परिवार के साथ खिंचवाया यादगार फोटो, मुम्बई में आयोजित संगठन सृजन शिविर के समापन समारोह में कांग्रेस के लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने राकेश राजपुरोहित को दिया संवाद का समय
राजस्थान के पाली जिले के बाली उपखंड से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा कांग्रेस नेता राकेश राजपुरोहित को मुंबई में आयोजित कांग्रेस के संगठन सृजन शिविर के समापन दिवस पर कांग्रेस के लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी से मुलाकात और संवाद का अवसर मिला। इस दौरान राहुल गांधी ने राकेश राजपुरोहित के साथ बातचीत के लिए समय दिया तथा उनके परिवार के साथ यादगार फोटो भी खिंचवाया।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राकेश राजपुरोहित और उनके परिवार में खुशी का माहौल रहा। बाली की धरती से जुड़े राकेश राजपुरोहित के लिए यह मुलाकात राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण रही। राकेश ने राहुल गांधी के साथ संगठन, युवाओं की भूमिका और कांग्रेस को मजबूत करने सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
बाली से महाराष्ट्र तक बनाई पहचान
राकेश राजपुरोहित मूल रूप से बाली क्षेत्र से जुड़े हैं। मारवाड़ी समाज से आने के बावजूद उन्होंने महाराष्ट्र में कांग्रेस संगठन के भीतर अपनी सक्रियता और मेहनत के दम पर महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। राकेश राजपुरोहित को महाराष्ट्र में राजस्थानी समाज से कांग्रेस के पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पहचान मिली है। उनके इस दायित्व को राजस्थान और राजपुरोहित समाज के लिए गौरव के रूप में देखा जा रहा है।
राकेश की राजनीतिक सक्रियता ने बाली सहित राजस्थान के लोगों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है। महाराष्ट्र जैसे बड़े राजनीतिक प्रदेश में संगठन की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने युवाओं को कांग्रेस संगठन से जोड़ने और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
राजनीतिक विरासत और समाजसेवा का परिवार
राकेश राजपुरोहित का परिवार लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके दादा जेठू सिंह लंबे समय तक बारवा गाव के सरपंच और बाली के प्रधान जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे तथा विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का प्रभाव राकेश के व्यक्तित्व और राजनीतिक कार्यशैली में भी देखने को मिलता है।
राकेश के पिता चंदन सिंह राजपुरोहित वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस में सचिव के पद पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं उनकी माता इंदु कंवर बारवा गांव में सरपंच प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। परिवार के सदस्यों ने राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि भी मजबूत
राजपुरोहित परिवार का समाजसेवा के क्षेत्र में भी अग्रणी योगदान रहा है। परिवार के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई है। राकेश राजपुरोहित की चाची राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं, जिससे परिवार की उपलब्धियों का दायरा राजनीति और समाजसेवा के साथ खेल जगत तक भी जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
संगठन सृजन शिविर के समापन अवसर पर राहुल गांधी द्वारा राकेश राजपुरोहित और उनके परिवार को दिया गया समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बाली क्षेत्र से जुड़े लोगों ने राकेश की इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि बाली की धरती से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में युवा नेतृत्व के रूप में पहचान बनाना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात और परिवार के साथ लिया गया फोटो राकेश राजपुरोहित के लिए यादगार अवसर बन गया। वहीं राकेश की राजनीतिक यात्रा यह संदेश भी देती है कि राजस्थान से बाहर रहने वाला युवा भी अपनी मेहनत, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा के माध्यम से दूसरे राज्यों में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बना सकता है।


