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सिरोही-जोधपुर में 20 सितंबर को पकड़े गए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर्स का सिरोही कनेक्शन सामने आया है। दोनों शूटर बाइक से सिरोही आए थे और ब्यावर-पिंडवाड़ा हाइवे पर अरठवाड़ा गांव के पास एक होटल में करीब 14 घंटे रुके थे। जोधपुर पुलिस की बुधवार शाम दोनों शूटर को लेकर तस्दीक के लिए इसी होटल और शिवगंज थाने पहुंची।पुलिस के अनुसार दोनों शूटर बाइक से 17 सितंबर की शाम 6:15 बजे बजे हाइवे स्थित इस होटल पर पहुंचे। शाम 6:18 बजे फर्जी आधार कार्ड देकर कमरा लिया। रात में खाना नहीं खाया और केवल नशा करते रहे। अगली सुबह 8:23 बजे दोनों शूटर होटल से रवाना हुए।
काले रंग की पैंट-शर्ट पहन रखी थी। होटल पर चाय पीने के बाद वे बाहर आए और किसी अन्य साथी के साथ निकल गए। घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया। जोधपुर पुलिस गत 23 सितंबर की शाम 6 बजे जोधपुर पुलिस की तीन गाड़ियां शूटर्स को लेकर अरठवाड़ा के उसी होटल में पहुंची। होटल मालिक से पूछताछ की गई और बाद में टीम शिवगंज थाने गई। पुलिस की जांच में प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लॉरेंस गैंग के शूटर किसी बड़ी वारदात (टारगेट किलिंग या रंगदारी) को अंजाम देने या वीआईपी लोगों की रैकी करने के इरादे से इस इलाके में आए थे। जिले में इंटरनेशनल सिंडिकेट के शूटर्स के इतनी आसानी से 14 घंटे रुकने से हर कोई हैरान हैं।
सिरोही व जोधपुर पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि शूटर्स का असली टारगेट कौन था और स्थानीय स्तर पर उन्हें किसने लॉजिस्टिक सपोर्ट (होटल, बाइक) मुहैया कराया। पुलिस सूत्रों के अनुसार शूटर्स के पास से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो मिली थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस दिन जोधपुर मेंशूटर पकड़े गए, उसी दिन पुलिस ने पूर्व विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी थी। एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसे रूटीन सुरक्षा बढ़ोतरी बताया है। पूर्व विधायक ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। चर्चा है कि सुमेरपुर और शिवगंज के दो बड़े बिजनेसमैन भी निशाने पर थे।




