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आबूरोड-आबूरोड नगर पालिका में एक संविदा कर्मचारी के नियमितीकरण पर सवाल उठ गए हैं। पूर्व पार्षद और जिला कांग्रेस कमेटी सिरोही के सचिव शमशाद अली अब्बासी ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, स्वायत्त शासन विभाग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, संभागीय आयुक्त जोधपुर, कलक्टर सिरोही और नगर पालिका प्रशासन को शिकायत भेजी है।
अब्बासी ने आरोप लगाया है- आबूरोड नगर पालिका केतत्कालीन अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने एक संविदा कर्मचारी को नियमित किया, जबकि उन्हें अपने स्तर पर ऐसा करने का अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित नीतिगत निर्णय और स्वीकृति का अधिकार केवल राज्य सरकार के पास होता है।
नियम लागू नहीं फिर स्थायी कैसे
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरे राजस्थान में हजारों संविदा कर्मचारी वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं और राज्य स्तर पर कोई व्यापक नीति लागू नहीं हुई है, तो आबूरोड नगर पालिका में एक कर्मचारी को किस नियम या सक्षम स्वीकृति के आधार पर स्थायी लाभ दिया गया।
सेवा नियमों और भर्ती प्रक्रिया का उल्लंघन
शिकायत में कहा गया है कि यदि यह नियुक्ति नियमों के विपरीत हुई है, तो यह सेवा नियमों और भर्ती प्रक्रिया का उल्लंघन है। इससे अन्य पात्र अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका के राजकोष पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
शिकायत में इस नियुक्ति की मूल प्रक्रिया, नियमितीकरण संबंधी आदेश, सक्षम स्वीकृति, राज्य सरकार की अनुमति और भर्ती नियमों के अनुपालन की विस्तृत जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही, नियमितीकरण के बाद किए गए वेतनऔर अन्य वित्तीय भुगतानों की भी जांच कराने को कहा गया है। अब्बासी ने जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश जारी करने की भी मांग की है।

