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आबूरोड, सिरोही-आबूरोड स्थित दानवाव तलेटी में गरासिया समाज का पहला महिला सम्मेलन उत्साह और जागरूकता के माहौल में आयोजित किया गया। गुरुवार को मुखरी माताजी समाज भवन परिसर में हुए इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना,सामाजिक सुधारों पर चर्चा करना और समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाना रहा। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया।
बाल विवाह रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
सम्मेलन के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास और नई पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और जागरूक महिलाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।
दापा प्रथा सहित सामाजिक मुद्दों पर हुआ विचार-विमर्श
सम्मेलन में दापा प्रथा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इसके अलावा ओढ़ावनी और काठिया प्रथा जैसे सामाजिक विषयों पर सामूहिक स्तर पर निर्णय लेने की जरूरत बताई गई।
महिलाओं ने समाज में प्रचलित परंपराओं और व्यवस्थाओं को समयानुकूल बनाने तथा सामाजिक हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमतिअनावश्यक खर्चों में कटौती की उठी मांग
लोकाई और अन्य सामाजिक आयोजनों में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम करने का मुद्दा भी सम्मेलन में प्रमुखता से उठा। महिलाओं ने सुझाव दिया कि सामाजिक कार्यक्रमों को सादगीपूर्ण बनाकर बचाए गए संसाधनों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजहित के कार्यों में किया जा सकता है।
इस विषय पर उपस्थित महिलाओं ने व्यापक चर्चा करते हुए समाज में आर्थिक संतुलन और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
सम्मेलन में विवाहित महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार, पारिवारिक विवादों और महिलाओं को छोड़कर दूसरी शादी करने जैसी सामाजिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
महिलाओं ने समाज में आपसी सहयोग और जागरूकता बढ़ाकर ऐसी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।लोक संस्कृति के संरक्षण और समाज कोष को मजबूत करने पर सहमति
सम्मेलन में गरासिया समाज की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। महिलाओं ने सामाजिक बुराइयों को दूर करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही समाज कोष को मजबूत बनाकर समाजहित के कार्यों को गति देने पर भी सहमति बनी। आयोजकों ने इसे गरासिया समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास की नई दिशा तय करेगी।
यह सम्मेलन गरासिया समाज विकास सेवा समिति, जिला सिरोही के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें समाज की महिलाओं ने एकजुट होकर सामाजिक सुधार और सशक्तिकरण का संदेश दिया।

