
आहोर/अमृत सिंह रावणा-राजपूत। आहोर.आहोर स्थानीय नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते क्षेत्र में बिना मंजूरी के बड़ी संख्या में आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे नगरपालिका को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। किसी भी भवन निर्माण को स्वीकृत कराने पर नगरपालिका को बतौर राजस्व शुल्क मिलता है।इस प्रक्रिया में कई तरह की दिक्कते होने के कारण लोग बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण करते हैं। इससे नगरपालिका को राजस्व का नुकसान होता हैं। नगर पालिका को सूचना ही नहीं रहती है कि कहां निर्माण चल रहा है। इसीलिए वहां सुरक्षा के मापदण्डों की जांच ही नहीं की जाती है। नगर पालिका की ओर से विगत कई सालों से अवैध निर्माण के विरूद्ध किसी प्रकार की कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।नियमों की अनदेखी
नगर पालिका क्षेत्र में लोग नियमों को ताक में रखकर आवासीय एवं व्यवसायिक भवन बना रहे हैं। विगत काफी अर्से से शहरी क्षेत्र में लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। नए इलाके के साथ ही पुराने क्षेत्र में भी बिना मंजूरी के ही आवासीय एवं व्यवसायिक भवन निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।सड़क पर अतिक्रमण
भवन निर्माण करने वाले लोग सड़क पर ईंट, बजरी सहित अन्य निर्माण सामग्री डालकर मार्ग अवरूद्ध कर देते हैं। दूसरी ओर शहर में जमीन के भाव आसमान छूने के कारण लोग खिड़की, छज्जा आदि को मुख्य सड़क पर ही बना लेना आम बता है। जिसमें नगरपालिका कार्मिकों की मौन सहमति होती हैं। निर्माण कार्य शहर में निरंतर चल रहे हैं। यह लोगों की नजर में तब आता हैं, जब इससे समस्या खड़ी होती है।भवन निर्माण का यह है नियमनगरपालिका क्षेत्र में कोई भी मकान या व्यवसायिक प्रतिष्ठान बनाने से पहले नगर पालिका से मंजूरी लेनी होती हैं। उसके बाद नगर पालिका कार्मिक उक्त स्थल का निरीक्षण करते हैं। भू स्वामी को निर्धारित फीस जमा करानी होती हैं। उसके बाद भवन निर्माण की स्वीकृति बनाकर दी जाती हैं। उसके बाद ही मकान बनाया जा सकता हैं।