जालोर-टीचर बोले-4 साल से नौकरी कर रहे, स्थायी नहीं कियाः गर्मी की छुट्टियां 45 से 36 दिन करने का विरोध; कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन
PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जालोर में शिक्षक 4 साल से नौकरी कर रहे हैं लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया गया है। इसी तरह की 11 मांगों के साथ गुरुवार सुबह 11 बजे से शिक्षकों ने जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।4 साल से स्थायी नहीं किया
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) की जालोर शाखा के जिलाध्यक्ष जयकरण खिलेरी ने बताया- 2022 में शिक्षक भर्ती में जो टीचर लगे थे उनको अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। पेपरलीक की जांच के दौरान जालोर की टीम ने जांच सही ढंग से नहीं की। जालोर के शिक्षकों को लेकर गलत टिप्पणियां की गईं। ऐसे में जांच के नाम पर चार साल से शिक्षकों को स्थायी नहीं किया गया है।
अब तो शिक्षा विभाग भी जांच कर चुका है। लेकिन इसके बाद भी स्थायी नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल एक महिला शिक्षक ने कहा-
” मेरा चयन 2021 की भर्ती में हुआ था। 2 साल की ट्रेनिंग पूरी हुई। इसके बाद 2 साल से स्थायी नहीं किया जा रहा है। चार साल से प्रताड़ना झेल रही हूं। सरकार सुनने को तैयार नहीं है।गर्मी की छुट्टियां घटाने का विरोध
जयकरण खिलेरी ने बताया- कालेज स्टूडेंट्स को गर्मियों में 60 दिन का अवकाश मिलता है। जबकि स्कूली बच्चों को गर्मी में मिलने वाले 45 दिन के अवकाश को भी घटा दिया गया है। नई घोषणा के मुताबिक स्कूली बच्चों की गर्मी की छुट्टियां सिर्फ 36 दिन की होंगी। इसका भी शिक्षक विरोध कर रहे हैं।
टीचर्स बोले- ग्रीष्मकालीन अवकाश हमारे अधिकार का हिस्सा है। अत्यधिक गर्मी में स्कूलों का जल्दी खुलना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण है।
शिक्षकों की अन्य मांगें-
राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू कर दिया। गर्मी की छुट्टियों के बाद 20 जून से स्कूल खोलने के बजाय 1 जुलाई से खोले जाएं। ताकि ग्रीष्मावकाश में कटौती न हो।
6 साल से ग्रेड थर्ड टीचर्स के तबादले और पदोन्नति की प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया जाए।
जालोर जिले में 2022 की भर्ती के बाकी रहे टीचर्स को जल्दी स्थायी किया जाए।
टीचर्स को बीएलओ और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।सरकार को दी चेतावनी
शिक्षक नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा- अगर सरकार इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लेकर तत्काल कार्यवाही नहीं करती तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।

