पिंडवाड़ा-मजदूर दिवस से पहले श्रम मंत्री की नियुक्ति की मांगः पिण्डवाड़ा के पत्थर गड़ाई मजदूर सुरक्षा संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही-विश्व मजदूर दिवस (1 मई) से पहले पिण्डवाड़ा के पत्थर गड़ाई मजदूर सुरक्षा संघ ने बड़ा मुद्दा उठाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मांग की है कि प्रदेश में जल्द से जल्द अलग से श्रम मंत्री की नियुक्ति की जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में श्रम विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के पास होने से श्रमिकों की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है।श्रम मंत्री की नियुक्ति की उठी मांग
संगठन ने विधायक समाराम गरासिया को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि 1 मई, विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर ही श्रम मंत्री की घोषणा की जाए। उनका मानना है कि एक समर्पित श्रम मंत्री होने से श्रमिकों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जमीनी स्तर पर सुधार दिखेगा।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में श्रमिकों की बड़ी भूमिका
ज्ञापन में बताया गया कि खदान, निर्माण, कारखाना, होटल, परिवहन, साफ-सफाई और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में करीब 2.5 करोड़ श्रमिक कार्यरत हैं। ये श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिक असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उन्हें न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
पत्थर गड़ाई और महिला श्रमिकों की स्थिति चिंताजनक
संगठन ने विशेष रूप से पत्थर गड़ाई और महिला श्रमिकों की हालत को गंभीर बताया। उनका कहना है कि ये श्रमिक आज भी बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित हैं। कई बार उन्हें असुरक्षित और अनिच्छित परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, जिससे उनका जीवन अस्थिर बना हुआ है।मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी
श्रमिकों को आज भी उचित न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल पर सुरक्षा, पेंशन, पालनहार योजना, छात्रवृत्ति, बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ सही तरीके से तभी मिल सकता है, जब विभाग पर पूरा ध्यान दिया जाए।
क्यों जरूरी है अलग श्रम मंत्री
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री के पास पहले से ही कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां होती हैं, जिससे श्रम विभाग को पर्याप्त समय और ध्यान नहीं मिल पाता। ऐसे में एक अलग श्रम मंत्री की नियुक्ति से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
सरकार से चेतावनी और उम्मीद
संगठन ने जोर देकर कहा कि श्रमिक केवल श्रम शक्ति नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं। उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारी मदन लाल, प्रकाश मीना, महेंद्र मेघवाल, महेंद्र कुमार, रमेश और प्रभुराम सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

