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सिरोही-सिरोही जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे झोलाछाप एवं तथाकथित नीम हकीमों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर अल्का चौधरी ने स्वास्थ्य, पुलिस, आयुर्वेद और औषधि नियंत्रण विभाग को इस संबंध में समन्वित रूप से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
ये निर्देश राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जयपुर के शासन उप सचिव के परिपत्र संख्या 17(03)/चिकित्सा/2/2024 दिनांक 09.01.2020 के क्रम में जारी किए गए हैं। इस परिपत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध और प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे।
जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्य के लिए जिला एवं उपखंड स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप निदेशक (आयुर्वेद विभाग) और सहायक औषधि नियंत्रक को नामित किया गया है।इसी प्रकार, उपखंड स्तर पर तहसीलदार, उप अधीक्षक /वृत्ताधिकारी पुलिस, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद विभाग द्वारा नामित प्रतिनिधि और औषधि नियंत्रण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन अधिकारियों को समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण एवं अभियान चलाते हुए झोलाछाप/नीम हकीमों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को नियमित रूप से प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है।
जिला कलेक्टर ने कहा कि अवैध चिकित्सा गतिविधियां आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से चिकित्सा करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाए तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को तत्काल दें।
जिला प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

