खौड़ में उदयपुर जोधपुर रोडवेज बस सेवा हुई शुरू, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत का जताया आभार
PALI SIROHI ONLINE
खौड़ में उदयपुर जोधपुर रोडवेज बस सेवा हुई शुरू, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत का जताया आभार
नगराज वैष्णव
रानी /खौड़ गांव समेत आस पास के गांवों में रोडवेज बस सेवा की मांग लंबे समय से चल रही थी मगर शुक्रवार को मुख्य अतिथि पूर्व यूआईटी चेयरमैन संजय ओझा ,सरपंच दुर्गा रुपेश दाधीच,उपसरपंच मालमसिंह मेड़तिया के सानिध्य में हरी झंडी दिखाकर जोधपुर से उदयपुर के लिए नई रोडवेज बस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। बस सेवा के शुरू होने से न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। बस सेवा के शुभारंभ पर सरपंच दुर्गा रूपेश दाधीच, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश सीरवी आदि मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तथा राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुमेरपूर विधायक जोराराम कुमावत का आभार व्यक्त किया।
भाजपा नेता रूपेश दाधीच ने कहा कि यह बस सेवा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। बस सुबह 8 बजे जोधपुर से रवाना होकर खौड़ गांव में 10 बजे पहुंचेगी तथा दूसरी बस 10 बजे जोधपुर से रवाना होकर 12 बजे खौड़ पहुंचेंगी।
क्षेत्रवासीयौ को मिलेगा बस सेवा का फायदा
आवागमन सुगम अब उदयपुर और जोधपुर जाने के लिए ग्रामीणों को निजी वाहनों या कई जगह बस बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
व्यापार को बढ़ावा
व्यापारी वर्ग को माल लाने ले जाने में आसानी होगी।
छात्रों को राहत
उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उदयपुर-जोधपुर जाने वाले छात्रों को सीधी बस सेवा मिलेगी।
चिकित्सा सुविधा
इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। बस के शुभारंभ पर चालक व परिचालक का माला पहनाकर स्वागत किया गया और मिठाई बांटी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रदेश नेतृत्व एवं स्थानीय विधायक का धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह भी रहे मौजूद
इस मौके पर भाजपा खौड़ मंडल अध्यक्ष नारायणसिंह बालराई, प्रधानाचार्य महावीरसिंह, किरण परिहार ,वरदाराम चौधरी, किरणसिंह चौहान, श्यामसिंह भाटी, दुर्गेशसिंह चौहान, हमीराराम देवासी, सोनाराम मेघवाल, ताराराम मीणा, नारायणलाल पुच्छल, समाजसेवी अरविंद गोयल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मोजूद रहे।
