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शेरगढ़-बालोतरा जिले के जसोल इलाके में लूणी नदी में बहने से हुए भीषण हादसे का तीसरे दिन भी हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार सुबह शेरगढ़ क्षेत्र की 70 वर्षीय कबू देवी का शव घटनास्थल से करीब 17 किलोमीटर दूर मिला, जबकि 8 माह का मासूम अभी तक लापता है। उसकी तलाश में एसडीआरएफ की टीम लगातार जुटी हुई है। इस हादसे में अब तक 5 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। नाहटा अस्पताल, बालोतरा में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार अपराह्न शव पैतृक गांव नरसिंहपुरा चतुरपुरा लाए गए, जहां पूरे गांव में शोक की लहर छा गई, और पूरे गांव के घरों चूल्हे तक नहीं जले
पेपाराम घायल, मां-पत्नी-बच्चों के अंतिम दर्शन नहीं
वहीं गंभीर रूप से घायल पेपाराम को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी कारण वे अपनी पत्नी, माता और दोनों बेटियों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। अंतिम संस्कार के दौरान शेरगढ़ प्रधान श्रवणसिंह जोधा, बाबूराम, सरपंच किस्तुराराम सोक, जसवंतसिंह इन्दा, भंवर सोऊ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और मृतकों को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
एक ही परिवार के चार सदस्य बने काल के ग्रास
शवों के गांव पहुंचने पर पेपाराम पुत्र सुरताराम सऊ के घर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। आंगन में उनकी पत्नी मीरा देवी (32), पुत्री उर्मिला (8), पुत्री असनी (4) और माता कबू देवी (70) के शव एक साथ रखे गए। इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। पेपाराम की पत्नी और माता का अलग-अलग अंतिम संस्कार किया गया, जबकि दोनों बेटियों का भूमि दान कर संस्कार किया गया। इसी तरह भोपाजी राणीदानसिंह (60) पुत्र केहनसिंह का भी अंतिम संस्कार हुआ
बेटे होने की मन्नत पूरी करने गए थे जसोल।
गौरतलब है कि बुधवार को पेपाराम अपने बेटे की मन्नत पूरी होने पर परिवार सहित भोपाजी राणीदानसिंह को लेकर जसोल स्थित माजीसा धाम गए थे। पूजा-अर्चना के बाद दोपहर करीब 1 बजे बोलेरो गाड़ी जसोल बाईपास रेलवे फाटक पर नदी के तेज बहाव में बह गई। गाड़ी में कुल आठ श्रद्धालु सवार थे। इनमें से पेपाराम (40) और गाड़ी चालक देवाराम (55) को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन पेपाराम की पत्नी, दोनों बेटियां, माता, 8 माह का पुत्र और भोपाजी नदी में बह गए। गुरुवार शाम भोपाजी का शव मिला, जबकि शुक्रवार को कबू देवी का। शेष मासूम की तलाश अब भी जारी है।