
PALI SIROHI ONLINE
नगराज वैष्णव रानी
सोमेसर-सोमेसर के बूसी गांव के ग्राम पंचायत भवन परिसर में गुरुवार को प्रशासक शिमला चौधरी की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में सरकार द्वारा प्रस्तावित बजरी खनन नदी का ठेका मुख्य मुद्दा रहा।
ग्रामीणों ने सरकार द्वारा दिए गए बजरी खनन के ठेके का विरोध किया। उन्होंने बताया कि नदी के किनारे दोनों तरफ रहने वाले किसान और सैकड़ों परिवारों को इससे परेशानियां होंगी।
ग्रामीणों ने आने-जाने के रास्ते की समस्याओं और कुओं में जल स्तर घटने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई की सूचना नाममात्र की थी। इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई कर बजरी खनन का ठेका निरस्त करवाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार द्वारा बूसी में जो बजरी खनन लीज आवंटित की गई है, उसकी पर्यावरण विभाग द्वारा विधिवत जनसुनवाई नहीं करवाई गई है। यह क्षेत्र डार्क जोन में स्थित है।
ग्रामीणों ने पुनः जनसुनवाई करवाने और विधायक कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के राजकीय आवास जयपुर पहुंचकर बजरी खनन लीज आवंटन को निरस्त करवाने की मांग ।
इसके अलावा, किसानों के फसल खराबी का मुआवजा, जर्जर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत, नदी रपट निर्माण, खेल मैदान की मरम्मत और क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत जैसे अन्य प्रस्ताव भी ग्राम सभा में लिए गए।
इस अवसर पर भूराराम चौधरी, प्रधानाचार्य नैनाराम घांची, ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र खोखर, कनिष्ठ सहायक विजय कुमार, पटवारी श्रवण कुमार, पिताराम परिहार, धनाराम माली, बाबूलाल घांची, भवरलाल माली, प्रेमसिंह, खिमाराम प्रजापत, मोहन चौधरी, दिनेश परिहार, लीलादेवी परिहार और भंवरीदेवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजद थे।