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पाली-पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में राजमेस से लगे 120 नर्सिंग ऑफिसर्स को पिछले 4 महीने से सैलरी नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें घर खर्च लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर उन्होंने पाली मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से लेकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है ताकि उन्हें जल्द बकाया वेतन मिल सके जिससे घर चलाने में आ रही दिक्कतों से निजात मिले।
सैलरी नहीं मिलने से परेशान
राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) के तहत जून 2026 में नर्सिंग ऑफिसर्स ने कार्यभार ग्रहण किया था। इसके बावजूद अब तक उन्हें एक भी महीने का वेतन नहीं मिला है। पूर्व में राजमेस मुख्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, जयपुर के निर्देशों में नर्सिंग ऑफिसर का भुगतान वेंडर आईडी बनाकर करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्मिकों का कहना है कि वेंडर आईडी के माध्यम से भुगतान होने पर वे राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं। वहीं, एम्पलाई आईडी नहीं होने से उनकी सेवा संबंधी प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि कई नर्स ग्रेड द्वितीय बाहरी जिलों से आकर पाली में सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सिंग ऑफिसर्स ने संबंधित अधिकारियों से एम्पलाई आईडी जारी कर लंबित चार माह के वेतन का शीघ्र भुगतान करवाने की मांग की है।
बोले- चार महीने से सैलरी नहीं मिली, कैसे चलाएं घर
नर्सिंग ऑफिसर जसवंत सिंह ने बताया कि जॉइन किए हुए चार महीने हो गए है लेकिन अभी तक वेतन नहीं मिले। ऐसे
में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक उनकी एम्पलाई आईडी तक नहीं बनी है।
नर्सिंग ऑफिसर रूद्रप्रताप सिंह ने बताया कि चार महीने से बांगड़ हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे है। वेतन नहीं मिलने से घर चलाने में भी दिक्कत हो रही है। कई नर्सिंग ऑफिसर बाहरी जिले के है। रूम का किराया देने में भी परेशानी हो रही है।
एम्पलाई आईडी की स्वीकृति नहीं मिली
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ ओपी सुथार ने बताया कि बजट आया हुआ है, लेकिन वे एम्पलाई आईडी से ही वेतन लेना चाहते हैं। इसको लेकर उन्होंने लिख कर दिया है। सरकार की ओर से इनकी एम्पलाई आईडी बनाने की स्वीकृति मिली नहीं है। वेंडर आईडी से वेतन लेना नहीं चाहते। ऐसे में मामला अटका हुआ है।





