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जालोर-ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने अमेजन कंपनी को दोषी पाया है। आयोग ने आदेश दिया है कि कंपनी परिवादी महेन्द्र सिंह को 500 ग्राम वजन का एक अतिरिक्त डिटर्जेंट साबुन का बार 45 दिन में उपलब्ध कराए।
साथ ही ग्राहक से की गई 25 रुपए की अधिक वसूली की राशि को भी लौटाए। आयोग ने कंपनी पर कुल 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। मूलतः सीकर व हाल जालोर निवासी महेंद्र सिंह ने 21 जनवरी 2021 को 500-500 ग्राम के 5 डिटरजेंट साबुन बार अमेजन से ऑनलाइन मंगाए थे। उसने 30 रुपए शिपिंग चार्ज जोड़कर ऑर्डर नंबर 1582166-2195564 के कुल 255 रुपए भुगतान किया। महेंद्र सिंह को ऑर्डर मिला तो एक साबुन 500 ग्राम की जगह 400 ग्राम का ही था। साथ ही हर साबुन पर 40 रुपए की एमआरपी लिखी हुई थी। इस तरह कुल कीमत 200 रुपए बनती थी, जबकि कंपनी ने 225 रुपए वसूले। यानी 25 रुपएअधिक लिए गए। ऐसे में महेंद्र सिंह ने अमेजन कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत दी, लेकिन कंपनी ने गलती मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। बहस के दौरान अमेजन कंपनी की ओर से जवाब में कहा गया कि वह केवल विक्रेता है। उसने वहीं उत्पाद भेजा जो ऑर्डर किया था। उसने किसी प्रकार की सेवा में त्रुटि नहीं की। वहीं दोनों पक्षों की बहस और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद आयोग ने पाया कि कंपनी ने विज्ञापन और बिल में 500 ग्राम साबुन का उल्लेख किया था, लेकिन ग्राहक को 400 ग्राम का भेजा। आयोग ने इसे सेवा में दोष और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।
आयोग अध्यक्ष घनश्याम यादव व सदस्य निरंजन शर्मा की पीठ ने अमेजन को आदेश दिया कि वह महेन्द्र सिंह से की 25 रुपए की अधिक वसूली की राशि को लौटाए। साथ ही उसे हुई मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 15 हजार रुपए और परिवाद खर्च के रूप में 5 हजार रुपए 45 दिन के भीतर अदा करें। अगर यह राशि तय समय में नहीं दी गई तो अमेजन को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा आयोग ने अमेजन कंपनी को उपभोक्ता कल्याण कोष में 50 हजार रुपए जमा कराने और भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने के भी निर्देश दिए।