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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ के गंवई तालाब में भयंकर गंदगी की दूर दूर फैलती दुर्गंध को लेकर ईओ एव पालिका अध्यक्ष ने किया निरीक्षण
पा.न.अध्यक्ष ने ईओ को कहा परियोजना शुरू होने से पूर्व स्थाई समाधान के विकल्प निकाल एक बार गंदे पानी को डायवर्ट करवाओ
तखतगढ़ 1 अकटुबर (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ नगर पालिका क्षेत्र के गंवई तालाब में कई वर्षो से फैली भयंकर गंदगी एवं महावीर बस्ती, खारचियावास के घरों से गंदी नालियों का गंदा पानी तालाब में छोड़े जाने से तालाब मे भयंकर गंदगी फैलने क कारण आसपास के घरो तक दुर्गंध फैलने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। और तालाब के पास से होकर गुजरना लोगो के लिए मुस्किल हो गया था। आसपास निवासरत लोगो मे गंभीर बिमारीया फैलने का भय व्याप्त होने के संबन्ध मे 15 सितम्बर को गौरव पथ रोड निवासी छगनलाल घांची द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराते ही तुरंत मामले को संज्ञान मे गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर पाली को कार्रवाई के आदेश देकर कलेक्टर से 7 दिन मे रिपोर्ट मांगने के गुरुवार को समाचार प्रकाशित होते ही जिला प्रशासन हरकत मे आया गया। और कलेक्टर के आदेश के बाद 16 सितम्बर को ही तखतगढ नगर पालिका के कनिष्क अभियंता आकाश गोमतीवाल,चंद्रवीर सिंह, सहित सफाईकर्मीयो की टीम एव जेसीबी मशीन की सहायता से तालाब की सफाई कार्य मे लग गया। और जगह जगह घरो एव वाडी से गंदगी एव जुठा अवशेष निकासी के लिए तालाब मे छोडे गए पाइपो को चिन्हित कर उनके मालिको को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर आदर्श आचार सहिता होने के कारण नगर पालिका प्रशासन द्वारा जिला कलेक्टर को रिपोर्ट भेजकर कहा गया कि मैरिज हॉल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से तालाब में गंदगी बहाये जाने की शिकायत के संबंध में गठित कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त होने पर नगरपालिका द्वारा विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। जहाँ तक गवाई तालाब की सफाई, स्वच्छता एवं सरंक्षण का विशेष अभियान चलाने का प्रश्न है। कस्बा तखतगढ के मध्य में स्थित है तथा तालाब की चारो तरफ आवासीय बस्ती / मकानात बने हुए है। तालाब की भौगोलिक सरंचना तीन भागों में विभक्त है । तालाब के चारो तरफ रिटर्निग वॉल सहित पाथ वे एवं घाट के निर्माण का कार्य प्रगतिरत है जो कि अमृत 2.0 के अन्तर्गत है। तालाब के द्वितीय भाग का सौन्दर्यकरण का कार्य द्वितीय फेस में करवाया जाना प्रस्तावित है, जिसकी डी.पी.आर. तैयार करवा दी गई है। तथा नये बोर्ड गठन के पश्चात् रूडिसकों विभाग को प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदित हेतु भिजवाया जायेगा। तालाब के तृतीय भाग बायोसा मंदिर कब्रिस्तान के पास स्थित है। जिसमें बरसात के दौरान जवाई नहर से बरसाती पानी आने पर भराव होने एवं काई जमने के कारण पानी दुर्गन्ध उत्पन्न होती है। जिसको निकालने के लिए पाालिका द्वारा जे.सी.बी., सफाई कार्मिकों एवं मुख्यमंत्री शहरी रोजगार योजना अन्तर्गत कार्यरत श्रमिकों के माध्यम से तीन बार सफाई करवाई जा चुकी है। वर्तमान में बरसात नहीं होने से के कारण गंदा पानी होने से दुर्गन्ध उत्नन्न हो नही है। जिसकी सफाई हेतु नगरपालिका द्वारा प्रक्रिया अपनाकर निविदा तैयार की गई परन्तु आचार सहिता प्रारम्भ होने से कार्यवाही नही की जा सकी। आचार संहिता समाप्ति के पश्चात् पूर्ण करवाया जायेगा। साथ ही कस्बे में स्थित गंदे पानी के ट्रिटमेंट हेतु स्वच्छ भारत मिशन के तहत वेस्ट वाटर यूज मैनेजमेंट के तहत प्रोजेक्ट को रूडिसकों जयपुर द्वारा निविदा प्रक्रिया जारी की गई थी परन्तु उपरोक्त कार्य में कोई भी बीड प्राप्त नहीं होने के कारण पुनः निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है। जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। तथा नगरपालिका तखतगढ द्वारा तालाब के आसपास स्थित कुओ एवं ट्यूबवैल के पानी की गुणवत्ता की जांच हेतु संबंधित विभाग को पत्र लिखे जाने की कार्यवाही की जा रही है।और मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका द्वारा वर्तमान में गवाई तालाब (तृतीय भाग) की नियमित सफाई हेतु दो कार्मिकों को लगाया गया है जिनके द्वारा प्रतिदिन सफाई एवं निगरानी की जा रही है । नये बोर्ड गठन के के पश्चात् निविदा प्रक्रिया अपनाकर सम्पूर्ण तालाब की सफाई कार्य करवाने की बात कही थी। लेकिन इस गंदगी से नारकीय जीवन जी रहे नगरवासीयो द्वारा बार बार एक ही मुद्दे को लेकर रोज़ाना सोशल मिडिया के जरिए ट्वीट किए जा रहे है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष एव ईओ ने तालाब का निर्माण कर स्थाई समाधान के दिए निर्देश
आखिर गुरुवार को नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष जयश्री नामा एव ईओ महेन्द्र कुमार सहित पूर्व उपाध्यक्ष मनोज नामा एव पार्षदगण तालाब के तृतीय भाग पहुंचकर निरिक्षण कर ईओ महेन्द्र कुमार को तालाब सौंदर्यकरण परियोजना मे तृतीय भाग का निर्माण शुरू ना हो जब तक स्थाई समाधान के विकल्प निकाल एक बार गंदे पानी को डायवर्ट करवाने के निर्देश दिए। और किसी भी टेक्निकल अधिकारी से सम्पर्क कर उनकी सहायता से तालाब मे फैल रही दुर्गंध को समाप्त करवाने के निर्देश दिए हैं। ईओ महेन्द्र कुमार ने 10 घण्टों के लिए जेसीबी मशीन लगातार गौरव पथ रोड की तरफ वाले नाले से आनेवाले गंदे पानी को धोरावास की तरफ डायवर्ट करने एव तालाब मे फैली दुर्गंध को समाप्त करने के लिए टेक्निकल से बात कर केमिकल डालने की बात कही है।

