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पाली-पाली में सोमवार को ग्रामीणों ने जर्जर सरकारी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा और बच्चे के साथ स्कूल के बाहर बैठ गए। ऐसे में टीचर्स भी स्कूल भवन में नहीं जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल बिल्डिंग जर्जर है। छत से प्लास्टर गिरता है। पांच साल से मरम्मत के लिए कह रहे है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। झालावाड़ जैसा हादसा यहा हो गया तो प्रशासन-टीचर्स का क्या जाएंगा, मरेंगे तो हमारे बच्चे। इसलिए जब तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं करवाई जाती हम स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेज सकते है। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। टीचर्स और प्रिंसिपल ने उनसे समझाइश का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
मामला पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र का बालेलाव गांव का है। जो पाली मुख्यालय से महज 11 KM दूर है।
राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बालेलाव में 8वीं तक के 140 स्टूडेंट वर्तमान में बालेलाव, सदावास, गुर्जरों का ढाणा सहित आस-पास के गांवों से पढ़ने के लिए आते है और वर्तमान में स्कूल का समय सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर एक बजे तक है। स्कूल में प्रिंसिपल सहित 9 टीचर्स यहां लगे हुए है। स्कूल भवन करीब 15-20 साल पुराना है। बरसात के दिनों में स्कूल की छत टपकती है और कई बार छत का प्लास्टर बच्चों पर गिर जाता है। ऐसे में गत वर्ष भी बरसात के दौरान बच्चों को परेशानी हुई थी। इस जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले करीब 5 साल में कई बार लिखित में शिकायत कर चुके है लेकिन एक बार भी इसकी मरम्मत के लिए कदम नहीं उठाया गया।
पांच साल से कर रहे स्कूल भवन मरम्मत की मांग
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष घीसाराम गुर्जर ने कहा कि पिछले पांच साल से जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव लिए जा रहे है। जिला शिक्षा अधिकारी को प्रिंसिपल लेटर भी लिख रहे है लेकिन हर बार आश्वासन नहीं मिलता है।
झालावाड़ जैसी घटना यहां हो गई तो जिम्मेदार कौन होगा।
इसलिए परेशान होकर आज स्कूल पर तालाबंदी की।
बच्चों पर गिरता है छत का प्लास्टर
अनोप सिंह ने गत वर्ष भी बरसात के दौरान बच्चों पर छत का प्लास्टर गिरा था। भवन करीब 20 साल पुराना है लेकिन मरम्मत को लेकर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे में बड़ा हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। अब हमें आश्वासन नहीं काम चाहिए।
लिखित में जिला शिक्षा अधिकारी को लिख चुके है
मामले में स्कूल के प्रिंसिपल भगवतसिंह का कहना है कि उन्होंने मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख चुके है। बजट आते ही मरम्मत का काम शुरू करवाया जाएगा।


