
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
चूरू-चूरू जिले के भाणूदा चारणान गांव में नौ जुलाई को हुए जगुआर फाइटर जेट हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। पाली के सुमेरपुर के खिवाद गांव के परिवार ने घटनास्थल की मिट्टी को छूकर नमन किया और घर के लाडले को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के पिता जसवंत सिंह देवड़ा, मां भंवर कंवर, छोटे भाई युवराज सिंह देवड़ा, चचेरी बहन मिनल देवड़ा, मामा मनोहर सिंह राठौड़, मामी सुमन कंवर, ममेरी बहन जाह्नवी राठौड़ और ममेरा भाई हर्षवर्धन राठौड़ शामिल थे
घटनास्थल से ले गए मिट्टी
परिजनों ने घटनास्थल की मिट्टी को प्रणाम किया। गंगाजल का छिड़काव किया और पुष्प अर्पित कर शहीद को याद किया। परिवार के लोग घटनास्थल की मिट्टी अपने साथ ले गए। इस दौरान परिवार और उपस्थित ग्रामीणों की आंखें नम थीं।
बचपन से वायुसेना में जाने का था सपना
शहीद के छोटे भाई युवराज सिंह देवड़ा ने बताया कि उनके बड़े भाई शहीद ऋषिराज को बचपन से ही पढ़ाई में रुचि थी। वह फाइटर प्लेन के खिलौनों से खेला करते थे। शुरू से ही वायुसेना में जाने का सपना देखते थे। इस भावुक पल में शहीद की स्मृति ने सभी के दिलों को छू लिया।फाइटर जेट क्रैश में शहीद हुए थे 2 पायलट राजस्थान के चूरू जिले में 9 जुलाई को वायुसेना का जगुआर प्लेन क्रैश हो गया था। हादसे में 2 पायलट शहीद हो गए। शहीद स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु (44) हरियाणा के रोहतक और फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज (23) पाली के खिंवादी गांव के रहने वाले थे।वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट ने श्रीगंगानगर के पास सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी। टेक ऑफ के बाद 160 किलोमीटर दूर भानुदा गांव, रतनगढ़ (चूरू) में क्रैश हो गया था। तकनीकी कारणों से पायलट इजेक्ट नहीं कर पाए थे और फाइटर जेट के मलबे के पास उनके बुरी तरह क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिले थे।


