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खीमाराम मेवाडा
पार्षद एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष अंबादेवी रावल स्वायत शासन मंत्री झाबर सिह खर्रा से की मुलाकात
तालाब की आगोर भूमि पर अवैधानिक तरीके से बनाए फर्जी पट्टे की जांच एवम् दोषियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
मंत्री खर्रा ने ईओ से मांगी संपूर्ण सूची,
तखतगढ 27 जुलाई;(खीमाराम मेवाडा) एक दिवसीय पाली जिले के दौरे पर रहे स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से तखतगढ़ नगर पालिका पार्षद एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष अंबादेवी रावल ने सर्किट हाउस पाली में रूबरू मुलाकात कर तखतगढ कस्बे के पुलिस थाने के ठीक सामने तालाब की आगोर भूमि पर अवैधानिक तरीके नगर पालिका द्वारा अन्य की मिलीभगत से बनाए गए पट्टे के मामले को लेकर संपूर्ण शिकायत पेश कर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करवाने की पूर्व जोर मांग उठाई है। रावल द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया कि सुमेरपुर विधानसभा अंतगर्त तखतगढ नगरपालिका क्षेत्र के गांवाई तालाब में प्रशासन शहरो के संग अभियान के तहत 8 जनवरी 2023 को नैनाराम पुत्र कुयाराम देवासी निवासी सैनिक काॅलोनी तखतगढ द्वारा फर्जी व कुटरचित दस्तावेज पेश किये जिसके आधार पर 8 अक्टूबर 2023 को पालिका द्वारा पट्टा क्रंमाक 2566 जारी कर आवेदक को दिया गया। उक्त मामले की जब गांव के लोगो को पता चला तो तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी ने द्वारा 12 परवरी 2024 को राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 73 ‘ख’ पत्र क्रंमाक एफ08/भूमि शाखा 2023/1420 के तहत निरस्त की कार्रवाई कर पट्टा निरस्त भी किया गया। लेकिन यह निरस्ती कार्रवाई मात्र कागजी कार्रवाई होकर रही। पट्टा निरस्त करने 77 दिन बाद उसी निरस्त पट्टे पर पट्टा धारक द्वारा भूखण्ड को आवासीय से वाणिज्यक संपरिवर्तन के लिए आवेदन करने पर 23 मई 2024 को पट्टा धारक से वाणिज्यक संपरिवर्तन शुल्क के तौर पर 94142 रुपये व लीज राशि के तौर पर 94142 रुपये रशीद संख्या 4/148 के मार्फत राशि जमा करवाई गई। साथ ही उसी भूखण्ड पर भवन निर्माण इजाजत भी पालिका प्रशासन द्वारा दी गई थी। बाद पट्टा धारक द्वारा फर्जी भूखण्ड पर मौके पर नींव खुदाई व निर्माण सामग्री भी डाल रखी है। जिस पर नगर के मौजिज लोगो द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया तत्पश्चात पालिका प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य स्थगित करवाया गया। लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी पालिका प्रशासन तखतगढ द्वारा कथित फर्जी तरीके से हासिल किये भूखण्ड धारक के खिलाफ कोई ठोस निर्णय नही लिया गया है। और पालिका प्रशासन तखतगढ के उदासीन रवैये के चलते मुझ प्रार्थी द्वारा पट्टा धारक के विरुद्ध 12 जनवरी 2025 को तखतगढ पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसका अनुसंधान 7 महिने से चल रहा है। लेकिन पुलिस प्रशासन को सम्बन्धित फर्जी पट्टे से जुडे प्रकरण की पत्रावली नही दी जा रही है। जिससे इस प्रकरण का अनुसंधान प्रभावित हो रहा है।और साथ ही ना ही पालिका के कार्मिक इस मामले में सहयोग कर रहे है। पालिका क्षेत्र तखतगढ में इसके अलावा भी अन्य सार्वजनिक भूमि,उधानो के लिए आरक्षित भूमि, सहित पालिका क्षेत्र की बेशकिमती भूमि जो स्वतंत्र भूखण्ड थे उनका भी नियम विरुद्ध बेचान करने का संदेह है। और जिनके नियम विरुद्ध पट्टे जारी होने का संदेह है। ऐसी सभी पत्रावलिया पालिका कार्यालय से गायब कर दी गई है। जिसकी आरटीआई से सूचना मांगने के उपरांत भी नही दी जा रही है। और पालिका तखतगढ में शासन के नियम-कायदो को ताक में रखकर अनुचित कार्य किये गये है। उनका ठोस और सख्त तरीके से उच्च स्तरीय जांच-पडताल करवाकर दोषियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
मंत्री खर्रा ने ईओ से मांगी संपूर्ण सूची, स्वशासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शिकायत पत्र को बारीकी से पढ़ कर तुरंत प्रभाव से मगराज चौधरी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका तखतगढ़ से फोन पर बात करते हुए। प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत नगर पालिका तखतगढ़ द्वारा कितने पट्टे जारी किए हैं। जारी किए गए पट्टों का क्षेत्रफल क्या है। प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान नगर पालिका को कितना रेवेन्यू मिला। और नगर पालिका द्वारा बनाए गए पट्टों में कितनी पत्रावलिया गायब है। जिसकी तुरंत प्रभाव से संपूर्ण सूची मांगी है।
इनका कहना है: फजीॅ पट्टा मामले को लेकर मेने स्वायत शासन मंत्री झाबर सिह खर्रा से मुलाकात कर सम्पूर्ण शिकायत पेश कर कायॅवाही की मांग करने पर मंत्री जी ने मगराज चौधरी ईओ नगर पालिका तखतगढ से फोन कर प्रशासन शहरो के संग अभियान के तहत बनाए गए पटटो की सम्पूर्ण सुची मागी है।-- अंबादेवी रावल: पार्षद एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष तखतगढ


