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जालोर-जालोर में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करने के मामले में महिलाओं के खिलाफ कोतवाली थाने में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया गया है। महिलाओं पर राज्यपाल का रास्ता रोकने और पुलिस पर पत्थर व पानी की बोतलें फेंकने का आरोप है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने देर रात तक कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था।
दरअसल, जालोर में कथा वाचक अभयदास महाराज की श्रावणमासीय कथा कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया था। इस दारौन महिलाओं ने पुलिस पर पत्थर और पानी की बोतले फेंकी थी। इस दौरान एक दिवसीय दौरे पर जालोर पहुंचे राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के प्रस्तावित रूट को महिलाओं ने जाम कर दिया था।
प्रशासन ने राज्यपाल को रूट बदलकर सर्किट हाऊस पहुंचाया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को रास्ते से हटाने की कोशिश की तो महाराज के समर्थक व पुलिस आमने सामने हो गए। इस दौरान कुछ महिलाओं ने भीड़ को रोकने के लिए तैनात पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकी। जिसके बाद बैरिकेट तोड़ कर कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की कोशिश की।
पुलिस के रोकने पर महिलाओं के द्वारा पत्थर मारने का प्रयास किया गया। जिस पर जालोर कोतवाल अरविन्द कुमार ने अज्ञात महिलाओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जालोर में श्रावणमासीय कथा वाचक अभयदास महाराज की कथा कराने की मांग को लेकर 21 जुलाई से महिला लगातार कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं। कथा कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने गुरुवार को उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बार पुलिस व महाराज के समर्थक आमने सामने हो गए।
आज भी नहीं मिली परमिशन
कथा कराने की मांग को लेकर गुरुवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद समर्थकों ने एक कमेटी बनाई और अभयदास महाराज से कथा कराने की परमिशन के लिए अप्लाई किया। लेकिन शुक्रवार को भी परमिशन नहीं मिली।
ऐसे बढ़ा था विवाद
बता दें जालोर सनातन महोत्सव समिति के द्वारा जालोर के कथा वाचक अभयदास महाराज के श्रावणमासीय कथा का आयोजन कराया जा रहा था। 11 जुलाई की शाम को महाराज का नगर प्रवेश हुआ। 12 जुलाई को 5 हजार महिलाओं के साथ शहर में कलशयात्रा निकाली गई और कथा शुरू की। 15 जुलाई को जालोर स्वर्ण गिरी दुर्ग तक जाने वाले रास्ते पर स्थित बायोसा माताजी मंदिर के पास एक विशेष समुदाय का धार्मिक स्थल को लेकर महाराज ने विवादित बयान दिया, जिसके बाद लगातार विवाद बढ़ता चला गया।
18 जुलाई को महिलाओं समेत अन्य समर्थक जुलूस के रूप में बायोसा मंदिर जाने लगे तो पुलिस ने बिना परमिशन के जाने से रोक दिया। 20 जुलाई की शाम को माताजी के दर्शन के बाद महाराज को पुलिस ने जालोर से अपने आश्रम भेज दिया। अब उनके समर्थक महाराज को जालोर बुलाने की मांग कर रहे हैं


