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झालावाड़-राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। भारी बारिश के चलते मनोहरथाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के पुराने भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई। स्कूल में पढ़ रहे दर्जनों छात्र मलबे में दब गए।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार घटना के वक्त करीब पचास से भी ज्यादा छात्र कक्षा में मौजूद थे। जैसे ही छत गिरी, जोरदार आवाज सुनाई दी और चीख—पुकार मच गई। तुरंत ग्रामीण और शिक्षक मलबा हटाने में जुट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने निजी साधनों से घायलों को मनोहरथाना के सीएचसी अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर
सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य जारी है और कई बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने घायल छात्रों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए हैं, वहीं स्कूल भवन की जर्जर स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
काफी पुराना था स्कूल भवन
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल का भवन काफी पुराना था और बारिश के दौरान पहले भी पानी टपकने की शिकायतें की जा चुकी थीं। फिलहाल घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह हादसा सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेश में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं।
मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)