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सिरोही-मंडवारिया गांव के मल्लेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे विशेष चिंतामणि अनुष्ठान के तहत पहले दिन 1111 मिट्टी के शिवलिंग और 1111 चावल के दानों से धनुष यंत्र तैयार कर विधि-विधान से पूजा की गई।
पंडित मनीष ओझा और पंडित रोहित ओझा ने करीब 3.30 घंटे की मेहनत से मंत्रोच्चार के बीच एक-एक शिवलिंग और चावल के दाने स्थापित किए। विशेष अनुष्ठान को देखने और पूजा का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
3.30 घंटे की मेहनत से तैयार हुआ धनुष यंत्र
पंडित मनीष ओझा और पंडित रोहित ओझा ने 1111 मिट्टी के शिवलिंग बनाए। इसके साथ 1111 चावल के दानों का इस्तेमाल किया गया। मंत्रों के साथ एक-एक शिवलिंग और चावल के दानों को निर्धारित विधि से स्थापित कर बड़ा धनुष यंत्र तैयार किया गया। यंत्र पूरा होने के बाद विधि-विधान से इसकी पूजा-अर्चना की गई।
रविवार को हुआ सूर्य पूजन
इसी कड़ी में रविवार को मंदिर में सूर्य पूजन किया गया। इसमें भी 1111 मिट्टी के शिवलिंग और चावल के दानों को मंत्रों से अभिमंत्रित कर स्थापित किया गया। पंडितों ने नवग्रह शांति और सूर्य देव की कृपा के लिए वैदिक मंत्रों का जाप किया। मंत्रोच्चार और पूजा के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।
सात साल से चल रहा चिंतामणि अनुष्ठान
आचार्यों ने बताया कि मल्लेश्वर महादेव मंदिर में चिंतामणि अनुष्ठान भी चल रहा है। महेंद्र / देशाराम पुरोहित पिछले 7 साल से यह अनुष्ठान कर रहे हैं। यह अनुष्ठान 7 अलग-अलग यंत्रों की स्थापना और पूजा से पूरा होता है। इस बार अनुष्ठान का 8वां साल है।
मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष माना जाता है अनुष्ठान
पंडित मनीष ओझा ने बताया कि शास्त्रों में पार्थिव यानी मिट्टी के शिवलिंग के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। 1111 शिवलिंग और अक्षत के दानों से धनुष यंत्र बनाकर पूजन की यह प्रक्रिया अत्यंत दुर्लभ और मनोकामना पूर्ति के लिए अचूक मानी जाती है। मान्यता है कि इस विधि से पूजा-अर्चना करने से साधक और क्षेत्रवासियों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा कष्टों और विघ्नों का निवारण होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग के पूजन और विभिन्न यंत्रों की रचना से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, रोग-दोष से मुक्ति और जनकल्याण की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं के अनुसार मल्लेश्वर महादेव मंदिर में इस प्रकार का अनुष्ठान पहली बार देखने को मिल रहा है, जिससे क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता में उत्साह है।


