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जालोर-शहर से महेशपुरा जाने वाले रास्ते पर स्थित रेलवे फाटक सी-45 बंद नहीं करने की मांग को लेकर बुधवार को शहरवासियों व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने रेल मंत्री अश्विन वैष्णव के नाम जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी को ज्ञापन दिया।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि जालोर रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे फाटक संख्या सी-45 (एफसीआई फाटक) से प्रतिदिन करीब 5 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा फाटक के आसपास व ग्रामीण क्षेत्र में पांच हजार से अधिक लोगों की बस्ती स्थित है। फाटक के नजदीक एफसीआई कॉलोनी में सरकारी स्कूल, निजी विद्यालय, छात्रावास, अस्पताल, एफसीआई गोदाम व धार्मिक स्थल स्थित है। ऐसे में शहर दो भागों में विभाजित होने के कारण शहरवासियों का आवागमन फाटक के दोनों ओर दिन भर लगा रहता है।
आपात स्थिति में जोधपुर जाने का रास्ता
इस रास्ते से होते लेटा ग्रामीण, महेशपुरा, बादनवाड़ी और आपातकाल स्थिति में आहोर होते हुए जोधपुर जाने का प्रमुख रास्ता है, जिसका गत दिनों में लेटा रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के समय व बिपरजॉय के समय प्रमुखता से उपयोग हुआ था।
उन्होंने बताया कि जालोर रेलवे स्टेशन से दूर एक अंडरब्रिज बना हुआ है, जिसमें बरसात के मौसम में आए दिन पानी भरा रहता है, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह बाधित होने से आवागमन में रेलवे फाटक सी-45 ही एकमात्र आवागमन का रास्ता बच जाता है।
लंबा लगेगा चक्कर
अंडरब्रिज की उंचाई कम होने से आपातकाल में फायर, एम्बुलेंस, जिला प्रशासन के बड़े वाहन व बड़ी गाड़ियों का आवागमन भी इसी रेलवे फाटक से होता है। यह फाटक बंद होने से लोगों को 4 से 5 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर आवाजाही के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम रेलवे लाइन समदड़ी-भीलड़ी मार्ग अब डबल ट्रेक होने से उक्त फाटक बंद होने की संभावना से आमजन चिंतित है। जिससे शहरवासियों व ग्रामीणों ने मिलकर ज्ञापन दिया और फाटक को बंद नहीं करने और ओवरब्रिज के निर्माण करने की मांग की। इस दौरान रणछोड़ाराम, चुन्नीलाल, तुलसाराम, कुइयाराम, शंकरलाल, वजाराम, सुजाराम, ताराराम, मुकेश सुन्देशा, प्रवीण सोलंकी, रमेश, गजाराम, खीमसिंह, मोहनलाल व कांतिलाल सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।


