
PALI SIROHI ONLINE
पाली। किसान पंजीयन के लिये शिविर, 15 जुलाई से जनसुविधा केंद्रों एवं ई-मित्र के माध्यम से पंजीयन होगा
पाली, 14 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सक्रिय लाभार्थियों में से जो लाभार्थी अब तक किसान पंजीयन से वंचित हैं, उनकी पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए राज्य की समस्त तहसीलों एवं उपराजस्व वृत्त स्तर पर जुलाई माह में विशेष संचयन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें पटवारियों के माध्यम से किसान पंजीयन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है तथा अतिरिक्त सुविधा के रूप में 15 जुलाई 2025 से जनसुविधा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) एवं ई-मित्र सेवाओं के माध्यम से भी किसान पंजीयन प्रारम्भ किया जाएगा।
राज्य में निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण पंजीयन सुनिश्चित करने तथा विशेष केन्द्रीय सहायता के चतुर्थ चरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है। पूर्व में जिन तहसीलों में पटवारियों की भूमिका का निर्धारण किया गया था, वहां यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है कि प्रत्येक पटवारी की स्वीकृति पहचान संख्या (आईडी) केवल उनके संबंधित पटवार मण्डल से ही जुड़ी हो। यह कार्य आगामी तीन दिवसों में पूर्ण किया जाना अपेक्षित है।
जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से किसान की पहचान की पुष्टि (ई-केवाईसी) एवं भूमि की जांच की प्रक्रिया सम्पन्न की जाएगी। भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आदेशानुसार प्रति किसान 15 रुपये (कर सहित) सेवा शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी किसान पंजीयन, पहचान पुष्टि एवं भूमि जांच की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है, जिसके लिए सेवा शुल्क 25 रुपये (कर सहित) निर्धारित है।
जनसुविधा केंद्रों एवं ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से केवल उन्हीं किसानों का पंजीयन किया जा सकेगा जिनका नाम राजस्व अभिलेख एवं आधार डाटा में नाम मैच स्कोर 40 प्रतिशत से अधिक होगा। जिन किसानों का नाम समानता अंक 40 प्रतिशत से कम है, उन्हें अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क कर पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करवानी होगी, जिसकी स्वीकृति संबंधित गिरदावर एवं तहसीलदार द्वारा की जाएगी। जिन किसानों का नाम राजस्व रिकोर्ड व आधार डेटा में नाम मैच स्कोर 41 से 75 प्रतिशत के मध्य है, तो ऐसे पंजीयन की स्वीकृति संबंधित पटवारी एवं तहसीलदार द्वारा की जाएगी, जिसमें प्रति स्वीकृत किसान 10-10 रुपये इन्सेंटिव राशि देय होगी। वहीं जिन किसानों का नाम राजस्व रिकॉर्ड व आधार डेटा में नाम मैच स्कोर 76 से 100 प्रतिशत के मध्य है, उनका कॉमन सर्विस सेंटर या ईमित्र के माध्यम से उनके पंजीयन की स्वीकृति पटवारी एवं गिरदावर द्वारा की जाएगी और इसके लिए भी प्रति किसान 10-10 रुपये की इन्सेंटिव राशि निर्धारित की गई है।
यह अनिवार्य है कि प्रत्येक पटवारी की स्वीकृति पहचान संख्या (आईडी) उनके अपने ही पटवार मण्डल से जुड़ी हुई हो। अन्यथा स्वीकृति की प्रक्रिया सम्भव नहीं हो सकेगी। प्रत्येक तहसीलदार यह सुनिश्चित करें कि उनकी तहसील के सभी पटवारियों की पहचान संख्या का सही रूप से मानचित्रण (मैपिंग) हो चुका हो।
निर्देशित किया जाता है कि जनसुविधा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) एवं ई-मित्र सेवाओं के माध्यम से किसान पंजीयन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करते हुए आमजन में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, पंजीयन उपरांत स्वीकृति की लंबित प्रकरणों का निस्तारण पटवारी, उपराजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार स्तर पर आपके सतत पर्यवेक्षण में शीघ्रता से सुनिश्चित किया जाए।