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जोधपुर-राजस्थान हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को उपचार के लिए एक माह और अंतरिम जमानत मंजूर की। जस्टिस दिनेश मेहता व जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ में आसाराम की ओर से उपचार के लिए अंतरिम जमानत बढ़ाने का आवेदन किया। गुजरात हाईकोर्ट से एक माह तक अंतरिम जमानत बढ़ाने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में आवेदन किया गया था।
आसाराम की ओर से अधिवक्ता निशांत बोड़ा व अधिवक्ता यशपाल सिंह राजपुरोहित ने पैरवी की। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने आसाराम को 12 अगस्त तक उपचार के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 से आसाराम जोधपुर की सेंट्रल जेल में यौन उत्पीड़न के आरोप में बंद था। 2018 में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा हुई। इस दौरान आसाराम को गुजरात में भी यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा का आदेश दिया गया। आसाराम जेल से बाहर आने के लिए कई प्रयास कर चुका है, लेकिन राहत नहीं मिली थी। गत 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को गुजरात केस में 3 माह की अंतरिम जमानत को मंजूर किया था, जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट से भी उन्हीं शर्तों पर 3 माह की अंतरिम जमानत दी थी।


