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खीमाराम मेवाडा
केंद्रीय मंत्री शेखावत पहुंचे अगवरी और खिवांदी पहुंच कर शोकसभा में हुए सम्मिलित
शोक संपन्न परिवारों को बंधाया ढांढस
तखतगढ 11 जुलाई ;(खीमाराम मेवाडा) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को जालौर जिले के आहोर तहसील अंतर्गत अगवरी और सुमेरपुर खिवांदी पहुंच कर शोकसभा में सम्मिलित होकर शोकसंपन्न परिवारों को बंधाया ढांढस
शेखावत शुक्रवार सुबह सीधे आहोर तहसील के अगवरी पहुंचे जहां रिश्तेदार अगवरी निवासी गजेन्द्रसिंह बालोत के बेटा दक्षराज के शोक सभा में सम्मिलित होकर श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनो को ढांढस बंधाया। बाद सुमेरपुर उपखंड के खिवांदी गांव के वीरगति को प्राप्त हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के पैतृक गांव पहुंच कर शोकसभा में सम्मिलित हुए। जहा शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवडा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत शिवराज सिंह बिटिया नारायण लाल कुमावत उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार सीओ जितेंद्र सिंह सदर थाना अधिकारी भगाराम मीणा सहित समस्त स्टाफ एवं ग्रामीण जन मौजूद रहे
दरअसल गुरुवार शाम को खिवांदी कै वीरगति को प्राप्त हुए ऋषिराज सिंह देवड़ा के पैतृक गांव मे इस भावुक क्षण में हजारों लोगों की उपस्थिति ने शहीद के प्रति अंतिम सम्मान व्यक्त किया। ऋषिपाल सिंह देवड़ा की शहादत ने देश और प्रदेश को एक वीर सपूत की कमी का गहरा अहसास कराया है, लेकिन उनकी बहादुरी और देश सेवा का जज्बा हमेशा याद रखा जाएगा। मौके पर उपस्थित सरकार के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों से परिजनों द्वारा बिन मांगे खीवांदी क्षेत्र सुमेरपुर तक रोड का ऋषिपाल सिंह देवड़ा के नाम और सुमेरपुर में किसी भी एक सर्किल पर फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिपाल सिंह पुत्र जसवंत सिंह देवड़ा का एक स्टैचू सर्किल बनाए जाने सहित राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार एक विश्वविद्यालय स्वर्गीय ऋषिपाल सिंह के नाम करवाने की मांग रखी
परिजन अपने लाडले की शादी के लिए देख रहे थे लडकी,
पाली के शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा के पिता जसवंत सिंह होटल व्यवसायी हैं, जबकि माता भंवर कंवर गृहिणी हैं। छोटा भाई युवराजसिंह जोधपुर के DPS स्कूल में 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। जानकारी के अनुसार, माता-पिता अपने लाडले की शादी के लिए लड़की देख रहे थे।
परिवार को फाइटर जेट क्रैश में बेटे के शहीद होने की सूचना मिली तो मां का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। उनको रिश्तेदार महिलाओं ने संभाला। परिजनों को यकीन नहीं हो रहा कि उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा।


