PALI SIROHI ONLINE
जसवंतपुरा, जालोर-श्री क्षत्रिय युवक संघ ने वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती के उपलक्ष्य में दायित्वबोध पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जसवंतपुरा के कलापुरा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल प्रमुख देरावर सिंह उचमत ने गणेश वंदना और प्रार्थना के साथ किया।
इस अवसर पर छैल सिंह उचमत ने वीर दुर्गादास राठौड़ के 30 वर्षों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने अजीत सिंह को मारवाड़ का राजा बनाने के लिए दुर्गादास के अदम्य साहस,त्याग और संघर्ष पर प्रकाश डाला। दुर्जन सिंह कलापुरा ने वीर दुर्गादास के जीवन और संघर्ष के विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। गजेंद्र सिंह जाविया ने तनसिंह जी द्वारा रचित ‘क्षिप्रा के तीर’ का पठन किया।
शैलेन्द्र सिंह उथमण ने बताया कि दुर्गादास जी ने मेवाड़, मारवाड़, आमेर और दक्षिण भारत को संगठित करने के लिए जीवन भर प्रयास किए। उन्होंने कहा कि जिस संगठन के लिए दुर्गादास जी आजीवन तरसते रहे, वैसा संगठन आज श्री क्षत्रिय युवक संघ के रूप में उपलब्ध है।
शैलेन्द्र सिंह ने आत्मचिंतन पर जोर देते हुए कहा कि हमें देखना होगा कि हम इस कर्तव्य-पथ पर कितना चल रहे हैं। उन्होंने वीर दुर्गादास के जीवन को क्षात्रधर्म पालन के लिए दीपक की तरह जलने की कहानी बताया। उनके अनुसार, इसी कर्तव्य-पथ पर चलकर ही दुर्गादास की महान परंपरा को अक्षुण्ण रखा जा सकता है।
इस कार्यक्रम में भगवत सिंह कलापुरा, धर्मेंद्र सिंह गजापुरा, जसवंत सिंह कलापुरा, महिपाल सिंह वाडाभवजी, गोपाल सिंह वाडाभवजी और युवराज सिंह कलापुरा सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

