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जालोर-जालोर में भैंसवाड़ा निवासी अमृत देवासी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और आरोपियों को पकड़ने को लेकर पीड़ित परिवार का आंदोलन तेज हो गया है।
परिवार के सदस्य पिछले तीन दिनों से जालोर में धरने पर बैठे है। बुधवार को अमृत की 50 वर्षीय मां रती देवी और 90 वर्षीय नानी मेथी देवी ने आमरण भूख हड़ताल शुरू कर दी।
उनका कहना है कि जब तक मामले का खुलासा नहीं होजाता है, दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है। तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परिजनों ने बताया कि करीब 3 साल पहले अमृत देवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक दिया गया था।
घटना के इतने लंबे समय बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे परिवार और क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश है।निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अमृत का मोबाइल फोन बरामद होने के बावजूद उसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिवार ने इस संबंध में जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम को पत्र दिया। साथ ही, मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की है।
धरना और भूख हड़ताल जारी
भूख हड़ताल पर बैठी रती देवी ने कहा कि उनका परिवार पिछले तीन वर्षों से न्याय के लिए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के लगातार चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्यायपालिका और केंद्र सरकार से ही उम्मीद है। परिवार ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे तक उनका धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।




